Breaking
UP MLC Election Results 2026 Live: मेरठ-बरेली में बीजेपी की जीत, प्रधानमंत्री मोदी के क्षेत्र वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा का कब्जाएमएलसी चुनाव- बैलेट से चुनाव होने पर भी कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई- BJPMLC Election Results 2026 LIVE: UP की 4 सीटों पर जीती भाजपा , वाराणसी में सपा की जीत , पटना में JDU ने लहराया झंडायूपी विधान परिषद चुनाव 2026: काशी में ही भाजपा की हार, सपा जीती शिक्षक एमएलसी सीटअमित शाह मानहानि केस में राहुल गाँधी को सुल्तानपुर की MP MLA कोर्ट ने किया बरीकाँग्रेस की राजनीति का स्तर हर रोज़ गिर रहा है- राजनाथ सिंहबीजेपी को बड़ा झटका, सुतानपुर MP MLA कोर्ट ने राहुल गाँधी को किया बरी।सर्बिआ में अलेक्जेंडर वुसिक ने मानी हार, छात्र आंदोलन बढ़ेगा आगेसुल्तापुर एमपी एमएलए कोर्ट से मानहानि केस में राहुल गाँधी बरीकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान से बवाल, -माफी मांगें, नहीं तो प्रदर्शन- BJP
Breaking Newsउत्तर प्रदेशराज्य

अखिलेश की तरफ से निराश शिवपाल यादव,पहुँच गये आज़म खान से मिलने।

लखनऊ : यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बात हुई. राजनीतिक पंडितों के अनुसार, आजम खान और उनका पूरा परिवार समाजवादी पार्टी की तरफ से दरकिनार किए जाने से नाराज हैं और चचा शिवपाल आजम खान को अपने पाले में कर अखिलेश को बड़ा सबक सीखाने की तैयारी में हैं.
कहा जाता है कि राजनीति में कौन कब किसका दोस्त और कब किसका दुश्मन हो जाए ये कहा नहीं जा सकता. दुश्मन का दुश्मन भी दोस्त कहलाता है. कहते हैं प्यार और जंग में हर चीज जायज है और ऐसा ही कुछ यूपी की सियासत में देखने को मिल रहा है.भतीजे अखिलेश यादव से बात नहीं बनने के बाद अब शिवपाल यादव शायद आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में हैं और उन्होंने इसकी तैयारी भी शुरु कर दी है. इसी कड़ी में उन्होंने आज यूपी के सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान से मुलाकात की.दोनों के बीच ये मुलाकात करीब डेढ़ घंटे तक चली.
‘अखिलेश यादव ने अभी तक चाचा शिवपाल के साथ गठबंधन पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नही दी है जबकि शिवपाल यादव पूरा मन बनाए बैठे हैं,
दरअसल शिवपाल की नजर समाजवादी पार्टी के कोर वोटर माने जाने वाली मुस्लिम वोट बैंक पर है और आजम खान को अपनी पार्टी में शामिल कर शिवपाल यादव मुस्लिम चेहरे के साथ-साथ पश्चिमी यूपी में प्रगतिशिल पार्टी को मजबूत करने में जुटे हैं.चाचा शिवपाल कई बार समाजवादी पार्टी से गठबंधन की इच्छा जता चुके हैं. शिवपाल तो अपनी पार्टी का सपा में विलय करने तक को तैय़ार हैं.लेकिन, अखिलेश उन्हें भाव ही नहीं दे रहे हैं.
लगता हैं अब चाचा शिवपाल ने अखिलेश का खेल खराब करने की ठान ली है. वो ओवैसी और चंद्रशेखर से भी मुलाकात कर चुके हैं. शिवपाल नये समीकरण साधने में जुटे हैं और अगर वो इसमें सफल होते हैं तो भतीजे को थोड़ा-बहुत नुकसान तो पहुंचा ही सकते हैं. क्योंकि चाचा के पास अब खोने के लिए ऐसा कुछ बचा भी नहीं है.

Related Articles

Back to top button