Breaking
बेंजामिन नेतन्याहू को IRGC की धमकी, कहा- “पीछा तब तक करेंगे जब तक उन्हें खत्म नहीं कर देते।”पांच राज्यों में मतदान 9 अप्रैल से शुरू, बंगाल में 2 चरणों में होगा चुनावएलपीजी की किल्लत ख़तम, रसोई गैस लेकर आ रहे हैं दो जहाजों को ईरान के अधिकार क्षेत्र से गुजरने की मिली अनुमतिFBI की हैरान करने वाली रिपोर्ट, क्या अमेरिका में घुसकर मारेगा ईरान?HPCL के प्लांट में डबल मर्डर, पुलिस ने आरोपी के दोनों टांगों में मारा गोलीEarly News Hindi Daily E-Paper 13 March 2026Opposition के ‘Mic Off’ के आरोप पर स्पीकर ओम बिरला का पलटवार, कहा- मेरे पास कोई बटन नहीं हैदेश के कई शहरों में होटल रेस्ट्रोरेंट और ढाबे बंददेश भर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर की किल्लत, जबकि कमर्शियल सिलेंडर मिलना बंदCM धामी- अग्निवीर को 10% रिजर्वेशन देकर सुरक्षित करेंगे भविष्य
Breaking Newsउत्तराखंडराजनीतिराज्य

पुराने सदस्यों की घर वापसी के लिए कांग्रेस ने अपनाई नई रणनीति…

हल्द्वानी : चुनाव करीब आते देख कांग्रेस को अपने उन नेताओं की याद आ गई है जो पार्टी से खिलाफत करके चुनाव लड़े थे या जिन्हें अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था। ऐसे सभी नेताओं को कांग्रेस में वापसी कराई जाएगी। कांग्रेस के कुमाऊं कार्यालय स्वराज आश्रम में 24 सितंबर को पूर्व में निष्कासित लोगों की घर वापसी को लेकर उनका पक्ष सुना जाएगा। जिसके बाद रिपोर्ट प्रदेश संगठन को भेजी जाएगी।

प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने हाल में चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश कुमार की अध्यक्षता वाली समिति में प्रदेश महासचिव गोविंद सिंह बिष्ट, प्रदेश सचिव शांति प्रसाद भट्ट के अलावा पूर्व महासचिव विजय सिजवाली भी शामिल हैं। 24 सितंबर को हल्द्वानी के स्वराज आश्रम से कमेटी इस मुहिम की शुरूआत करेगी। जिसमें कुमाऊं के सभी जिलों के पुराने मामलों पर सुनवाई होगी। चर्चा है कि कई पुराने क्षत्रप दोबारा वापसी को लेकर तैयार हैं। अब देखना यह है कि किन समझौतों व शर्तों के साथ उनकी घर वापसी होगी।

कांग्रेस के सभी बड़े नेता अब यह बात खुलकर कह चुके हैं कि पार्टी में आने वालों का स्वागत है। जबकि पहले बागी की एंट्री को लेकर दो अलग खेमे नजर आने लगते थे। रविवार को हल्द्वानी पहुंचे आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी साफ कहा था कि दूसरे दलों के ईमानदार लोगों का पार्टी में स्वागत है। हालांकि, राजनीति के इस खेल में भाजपा अब तक आगे नजर आई है। कांग्रेस के साथ एक निर्दलीय विधायक को भी उसने भगवा दामन थमा दिया।

Related Articles

Back to top button