Breaking
एलपीजी की किल्लत ख़तम, रसोई गैस लेकर आ रहे हैं दो जहाजों को ईरान के अधिकार क्षेत्र से गुजरने की मिली अनुमतिFBI की हैरान करने वाली रिपोर्ट, क्या अमेरिका में घुसकर मारेगा ईरान?HPCL के प्लांट में डबल मर्डर, पुलिस ने आरोपी के दोनों टांगों में मारा गोलीEarly News Hindi Daily E-Paper 13 March 2026Opposition के ‘Mic Off’ के आरोप पर स्पीकर ओम बिरला का पलटवार, कहा- मेरे पास कोई बटन नहीं हैदेश के कई शहरों में होटल रेस्ट्रोरेंट और ढाबे बंददेश भर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर की किल्लत, जबकि कमर्शियल सिलेंडर मिलना बंदCM धामी- अग्निवीर को 10% रिजर्वेशन देकर सुरक्षित करेंगे भविष्यईरान के मिसाइल हमले हुए कम, क्या है तेहरान की नई रणनीति?नहीं बढ़ेगा LPG गैस का दाम? सरकारी सूत्रों ने कहा- देश में पर्याप्त स्टॉक
उत्तर प्रदेश

नही रहे देवरिया के पूर्व विधायक प्रमोद सिंह ,हार्ट अटैक से निधन |

देवरिया : इस समय एक दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है देवरिया की गौरीबाजार सीट से पूर्व विधायक प्रमोद सिंह का बुधवार की रात हार्ट अटैक से निधन हो गया। अचानक हुए उनके निधन से कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गयी। वह वर्ष 2007 से 2012 तक विधायक रहे।
मूल रूप से गौरीबाजार ब्लाक के असनहर गांव निवासी प्रमोद सिंह सामान्य परिवार से थे। शिक्षा के बाद वह व्यवसाय के सिलसिले में मुंबई चले गए। अपनी मेहनत से उन्होंने मुंबई में अपना बड़ा व्यवसाय खड़ा कर लिया। व्यवसाय खड़ा करने के बाद वह सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हो गये। 2005 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। 2007 में हुए विधानसभा चुनाव वह गौरीबाजार विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव पर लड़े और पहली बार विधायक चुने गए। बसपा सरकार में उनकी अच्छी पकड़ रही। 2011 में हुए परिसीमन में गौरीबाजार विधानसभा क्षेत्र समाप्त हो गया तथा उसका अधिकांश हिस्सा देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र में आ गया। 2012 का विधानसभा चुनाव वह देवरिया सदर विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन हार गए।

2012 के चुनाव के बाद वह अपने व्यवसाय में लग गए। इस बीच बसपा से उनकी दूरी बढ़ गयी और बाद में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। 2017 में उन्होंने देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा में टिकट की दावेदारी की, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नही दिया। इसके बाद भी वह भाजपा से जुड़े रहे। पंचायत चुनाव में उन्होंने अपने पुत्र पंकज सिंह को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाने की तैयारी की, लेकिन पार्टी द्वारा प्रत्याशी न बनाने से वह पुत्र को चुनाव नहीं लड़ा सके। 2022 के चुनाव में वह एक बार देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र से तैयारी कर रहे थे। मंगलवार की देर शाम वह अपने पुत्र पंकज सिंह के साथ लखनऊ से चलकर अपने गांव असनहर पहुचे थे। बुधवार को अपने आवास पर दीपावली मिलन का कार्यक्रम रखा था।

देर शाम तक वह कार्यकर्ताओं से मिलते रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच दीपावली की मिठाई वितरित की। रात करीब 7 बजे उन्हें थोड़ी परेशानी महसूस हुई तो घर मे चले गए। कुछ देर बाद उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद घर वाले उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर कुछ ही देर में राजनीतिक गलियारों में फैल गयी। असनहर स्थित उनके आवास पर क्षेत्रीय लोगों व कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुट गयी।

Related Articles

Back to top button