Breaking
‘धुरंधर रॉ और अनदेखा’ देख भड़के दर्शक, बोले- ‘नया कुछ नहीं’रूस ने यूक्रेन युद्ध के लिए 217 भारतीयों को जबरदस्ती बनाया फौजी, 49 की मौतराष्ट्रपति भवन में पद्मा अवार्ड्स 2026 का आयोजन, दिग्गजों को मिला सम्मानगृह मंत्री परमेश्वर का ‘Cockroach Janta Party’ पर एक्शन, बोले- पुलिस का फैसला स्वतंत्रनेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई ‘Dhurandhar: Raw and Undekha’, जाने क्या है खासह्यूमन ट्रैफिकिंग पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 4 हफ्ते में AHTU बनाने को बोलापुलवामा हमले से जुड़ा आतंकवादी हमज़ा बुरहान पाकिस्तान में ढेर, हमलावरों ने गोलियों से किया छल्लीसीएम रेखा का ऐलान, दिल्ली में पानी-सीवर कनेक्शन सस्ताEarly News Hindi Daily E-Paper 20 May 2026वियतनाम के साथ रक्षा मंत्री की इमरजेंसी मीटिंग
अंतर्राष्ट्रीय

पिछले महीने ही जताई गई अफ़गान पर होगा तालिबान का कब्जा: अमेरिका

International: अमेरिका के दूतावासों का कहना है पिछले महीने आशंका जताई जा रही थी कि अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो सकता है और यह बात हुई सच.इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी दूतावास के करीब एक दर्जन अधिकारियों (US diplomats) ने जुलाई में ही काबुल पर तालिबान के कब्जे को लेकर चेतावनी जारी की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों को काबुल में तालिबान के आने की भनक तभी लग गई थी जब अमेरिका ने 31 अगस्त तक अपनी सेना की वापसी का ऐलान किया था. बता दें कि तालिबान के लड़ाके 15 अगस्त को काबुल में घुसे थे. इसके बाद तालिबान की तरफ से पूरे अफगानिस्तान पर कब्जे का ऐलान किया गया था.

काबुल में अमेरिकी दूतावास के हवाले से दावा किया है कि जुलाई के मध्य में इसको लेकर चेतावनी दी गई थी. अधिकारियों ने कहा था कि तालिबान का काबुल में आना तय है और अफगानिस्तान की सेना उन्हें नहीं रोक पाएगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 जुलाई को तालिबान के अत्याचरों का जिक्र करते हुए सख्त भाषा में विदेश विभाग को चेताया गया था.

क्या अमेरिका ने चेतावनी को नजअंदाज किया?

द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दावा किया है कि चेतावनी के साथ-साथ अमेरिकी अधिकारियों को बताया गया था कि कैसे इस संकट की चुनौती का सामना किया जाए. साथ ही बताया था कि कैसे अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों और राजनयिकों को बाहर निकाला जाए. बता दें कि जिस तरीके से अमेरिका ने अपने लोगों को काबुल से बाहर निकाला है, इसकी आलोचना भी कई लोग कह रहे हैं. आरोप लग रहे हैं कि अमेरिका ने निकासी में देरी की. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस खबर का खंडन किया है.

Related Articles

Back to top button