Breaking
एलपीजी की किल्लत ख़तम, रसोई गैस लेकर आ रहे हैं दो जहाजों को ईरान के अधिकार क्षेत्र से गुजरने की मिली अनुमतिFBI की हैरान करने वाली रिपोर्ट, क्या अमेरिका में घुसकर मारेगा ईरान?HPCL के प्लांट में डबल मर्डर, पुलिस ने आरोपी के दोनों टांगों में मारा गोलीEarly News Hindi Daily E-Paper 13 March 2026Opposition के ‘Mic Off’ के आरोप पर स्पीकर ओम बिरला का पलटवार, कहा- मेरे पास कोई बटन नहीं हैदेश के कई शहरों में होटल रेस्ट्रोरेंट और ढाबे बंददेश भर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर की किल्लत, जबकि कमर्शियल सिलेंडर मिलना बंदCM धामी- अग्निवीर को 10% रिजर्वेशन देकर सुरक्षित करेंगे भविष्यईरान के मिसाइल हमले हुए कम, क्या है तेहरान की नई रणनीति?नहीं बढ़ेगा LPG गैस का दाम? सरकारी सूत्रों ने कहा- देश में पर्याप्त स्टॉक
Breaking NewsMain slideमहाराष्ट्रराजनीतिराज्य

महाराष्ट्र में ‘पवार’ संग्राम, शपथ ग्रहण पर सामना ने किया सुनेत्रा पवार पर तीखा प्रहार

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से जो घटनाक्रम घट रहे हैं, उन्होंने न केवल राज्य बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार का आनन-फानन में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेना एक नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे चुका है। सोमवार को शिवसेना (UBT) के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राकांपा के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

विपक्षी शिवसेना (उबाठा) ने सोमवार को दावा किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के पीछे का ‘‘सूत्रधार’’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का नेतृत्व है। सुनेत्रा पवार ने अपने पति अजित पवार के निधन के बाद उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में यह भी आरोप लगाया गया है कि भाजपा नेतृत्व और राकांपा नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल राकांपा के दोनों धड़ों का विलय नहीं चाहते है।

पुणे जिले के बारामती में एक विमान दुर्घटना में राकांपा नेता एवं उप मुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत के ठीक तीन दिन बाद सुनेत्रा पवार ने शनिवार को राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिससे तेजी से घटे इस घटनाक्रम को लेकर कुछ वर्गों से आलोचना भी हुई। राकांपा (शरदचंद्र पवार) प्रमुख और अजित पवार के चाचा शरद पवार ने शनिवार को दावा किया कि उन्हें सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण के बारे में ‘‘कोई जानकारी नहीं’’ थी।

‘सामना’ में कहा गया है कि महाराष्ट्र के सामने सवाल यह है कि सुनेत्रा पवार ने किसकी इच्छा पर उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, क्योंकि न तो राकांपा (शप) अध्यक्ष शरद पवार, न ही उसकी कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और न ही पवार परिवार के किसी सदस्य को इसकी जानकारी थी। संपादकीय में यह भी कहा गया कि सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए बारामती से मुंबई रवाना होने का जरा-सा भी संकेत नहीं दिया था। उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा) ने दावा किया, ‘‘भाजपा नेतृत्व इस पूरी राजनीति का सूत्रधार है।’’ उसने कहा, ‘‘अजित पवार की मृत्यु के बाद पवार परिवार और महाराष्ट्र की राजनीति में जटिलताएं बढ़ गई हैं। कई लोग चाहते हैं कि इन मुद्दों का समाधान न हो।’’

संपादकीय में दावा किया गया है कि अजित पवार की मृत्यु के बाद राकांपा के कुछ नेता अधिक महत्वाकांक्षी हो गए और पार्टी के भीतर उपमुख्यमंत्री पद के लिए होड़ मच गई। पटेल और तटकरे के बीच मतभेद हैं। सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री इसलिए ‘बनाया’’ गया क्योंकि ‘‘पाटिल-पवार’’ की पार्टी पटेल के हाथों में नहीं जानी चाहिए। इसमें आरोप लगाया गया है कि सुनेत्रा पवार को कमान सौंपी गई, लेकिन इसका इंजन और नियंत्रण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथ में है।

सुनेत्रा पवार और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना दोनों का अस्तित्व फडणवीस की मेहरबानी पर निर्भर है। संपादकीय में कहा गया है कि सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री पद महज दिखावटी नहीं होना चाहिए। इसमें यह भी आशा व्यक्त की गयी है कि वह ‘‘गूंगी गुड़िया’’ न होकर प्रभावी ढंग से काम करेंगी। इसमें दावा किया गया है कि राकांपा का ‘‘सनातनी विचारधारा वाली’’ भाजपा के साथ गठबंधन है और सुनेत्रा पवार द्वारा अपने पति के अंतिम संस्कार के बाद की रस्मों के पूरा होने से पहले ही शपथ लेना हिंदुत्व की मान्यताओं के अनुरूप नहीं है।

Related Articles

Back to top button