Breaking
युवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफाCJP Protest: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, CRPF की 20 कंपनियां तैनातमानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने की परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कार्यस्थगन नोटिससोनम वांगचुक को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24×7 मुलाकात की इजाजतरोहित शर्मा की 138 रन की धमाकेदार पारी, बने लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय,BRICS का ड्रग्स के खिलाफ ऐलान, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर लगाएगा पाबंदीराजौरी के जंगलों में आतंकवादियों की घेराबंदी, कुपवाड़ा में Hideout ध्वस्तराम मंदिर से जुड़ा एक और घोटाला? टिन्नू ने हर महीने कमाए लाखों! प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही वीआईपी दर्शन करवाने के खेल में हर महीने लाखों रुपये की वसूलीमंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनो को लेकर भी जांचराम मंदिर चढ़ावा चोरी-डकैती के ऊपर भी कोई शब्द हो वो इस्तेमाल होना चाहिए- अखिलेश
Breaking Newsमध्यप्रदेशराजनीति

प्रधानमंत्री के कृषि कानून वापस लेने से नाराज उमा भारती, 3 दिन बाद दी प्रतिक्रिया।

लखनऊ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि कानून वापस लेने के फैसला जहां विरोधियों को किसानों की जीत और अहंकार की हार लग रही है, वहीं दूसरी ओर अब मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को इस बात का अति खेद है, और उन्होने भाजपा पर बड़ा हमला बोला है।
उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं और कहा है कि ‘कृषि कानूनों की वापसी भाजपा कार्यकर्ताओं की नाकामी है।’
उन्होंने सोमवार को ट्विटर पर लिखा कि ‘मैं पिछले 4 दिनों से वाराणसी में गंगा किनारे हूं । दिनांक 19 नवम्बर 2021 को हमारे प्रधानमंत्री माननीय श्री @narendramodi जी ने जब तीनों कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा की तो मैं अवाक रह गई इसलिए 3 दिन बाद प्रतिक्रिया दे रही हूं। कृषि कानूनों के सम्बन्ध में विपक्ष के निरन्तर दुष्प्रचार का सामना हम नहीं कर सके । इसी कारण से उस दिन प्रधानमंत्री @narendramodi जी के सम्बोधन से मैं बहुत व्यथित हो रही थी।’
उन्होंने आगे लिखा कि ‘अगर कृषि क़ानूनों की महत्ता प्रधानमंत्री मोदी किसानों को नहीं समझा पाए तो उसमें हम सब भाजपा के कार्यकर्ताओं की कमी है, हम क्यों नहीं किसानों से ठीक तरह से समझा पाए। मेरे नेता माननीय @narendramodi जी ने तो कानूनों को वापस लेते हुए भी अपनी महानता स्थापित की । हमारे देश का ऐसा अनोखा नेता युग युग जीये , सफल रहे, यही मैं बाबा विश्वनाथ एवं मां गंगा से प्रार्थना करती हूं।’
हालांकि पीएम मोदी ने सभी किसानों से आंदोलन को बंद करने की अपील की थी लेकिन किसान आंदोलन को बंद करने के मूड में नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने लखनऊ में आज किसान महापंचायत बुलाई थी जहां किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि ‘हमारा आंदोलन स्थगित नहीं होगा।’
तो वहीं एक दिन पहले किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा था कि तीन कृषि कानून जब तक अधिकारिक तौर पर संसद में निरस्त नहीं हो जाता, तब तक उनका किसान आंदोलन जारी रहेगा। 27 तारीख को फिर से संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग होगी। यही नहीं किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे में एक पत्र भी लिखा है।

1) मैं पिछले 4 दिनों से वाराणसी में गंगा किनारे हूँ । दिनांक 19 नवम्बर 2021 को हमारे प्रधानमंत्री माननीय श्री @narendramodi जी ने जब तीनों कृषि क़ानूनों की वापसी की घोषणा की तो मैं अवाक रह गई इसलिए 3 दिन बाद प्रतिक्रिया दे रही हूँ ।

6) कृषि क़ानूनों के सम्बन्ध में विपक्ष के निरन्तर दुष्प्रचार का सामना हम नही कर सके । इसी कारण से उस दिन प्रधानमंत्री @narendramodi जी के सम्बोधन से मैं बहुत व्यथित हो रही थी ।

Related Articles

Back to top button