Breaking
Early News Hindi Daily E-Paper 20 May 2026वियतनाम के साथ रक्षा मंत्री की इमरजेंसी मीटिंगPM मोदी की नॉर्वे यात्रा, संबंधों में जोड़ा नया अध्यायकेरलम में कांग्रेस की सरकार,वी डी सतीसंन ने 20 मंत्रियों संघ ली सीएम पद की शपथपीएम पर भड़के राहुल गाँधी, नीट पेपर लीक पर एजुकेशन मिनिस्टर को बर्खास्त करने की करी मांगविराट कोहली ने संन्यास की अटकलों पर तोड़ी चुप्पी, बोले- मुझे बार-बार काबिलियत साबित करने की ज़रूरत नहींVirat Kohli ने संन्यास की अटकलों पर तोड़ी चुप्पी, बोले- मुझे बार-बार काबिलियत साबित करने की ज़रूरत नहींAKTU के वाइस चांसलर प्रो0 जे पी पांडेय का कार्यकाल 6 महीने बढ़ा‘धार का भोजशाला मंदिर है…’ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, हिंदू पक्ष की मांग मंजूर, मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट गयाEarly News Hindi Daily E-Paper 15 May 2026
Breaking Newsराष्ट्रीय

दुश्मन से बच कर हवा मे ही मार गिराने वाले मिसाइल आकाश प्राइम का सफल परीक्षण

नई दिल्ली :-भारतीय वायुसेना द्वारा दुश्‍मन के हवाई हमले से निपटने के लिए डीआरडीओ ने एक मिसाइल को तैयार किया है जो दुश्मन को हवा में ही मार गिराने मे सक्षम है आकाश मिसाइल के एक नए संस्करण ‘आकाश प्राइम’ का सोमवार को ओडिशा के तट चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया।मिसाइल ने सुधार के बाद अपने पहले उड़ान परीक्षण में दुश्मन के विमानों की नकल करते हुए एक मानवरहित हवाई लक्ष्य को रोका और उन्‍हें नष्ट कर दिया। यह जानकारी डीआरडीओ ने

अधिकारियों ने कहा कि आकाश प्राइम बेहतर सटीकता के लिए स्वदेशी सक्रिय आरएफ साधक से लैस है, जो यह सुनिश्चित करता है कि जिस लक्ष्य पर मिसाइल दागी गई है, वह हिट हो। आकाश प्राइम में अन्य सुधार भी शामिल किए गए थे जैसे उच्च ऊंचाई पर कम तापमान वाले वातावरण में विश्वसनीय प्रदर्शन सुनिश्चित करना।

एक अधिकारी ने बताया कि मौजूदा आकाश प्रणाली की तुलना में आकाश प्राइम बेहतर सटीकता के लिए एक स्वदेशी सक्रिय आरएफ साधक से लैस है। मौजूदा आकाश प्रणाली का संशोधित ग्राउंड सिस्टम उड़ान परीक्षण के लिए था।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आकाश प्राइम के सफल उड़ान परीक्षण पर रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन, भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और अन्य हितधारकों को बधाई दी।

इस मिसाइल का भारतीय वायुसेना द्वारा दुश्‍मन के हवाई हमले से निपटने में प्रयोग किया जाएगा। इस मिसाइल को डीआरडीओ ने तैयार किया है। इस मिसाइल की लंबाई 560 सेंटीमीटर तथा चौड़ाई 35 सेंटीमीटर है। यह मिसाइल 60 किलोग्राम वजन तक विस्फोटक ढोने की ताकत रखती है। आकाश मिसाइल पूरी तरह से गतिशील है और वाहनों के चलते काफिले की रक्षा करने में सक्षम है।

इस मिसाइल के लॉन्च प्लेटफार्म को दोनों पहियों और ट्रक वाहनों के साथ एकीकृत किया गया है, जबकि आकाश सिस्टम को मुख्य रूप से एक हवाई रक्षा (सतह से हवा) के रूप में बनाया गया है। इस मिसाइल को रक्षा भूमिका में भी टेस्ट किया जा चुका है। इस मिसाइल में कई अत्याधुनिक साजो सामान जोड़े गए हैं तथा अत्याधुनिक साजो सामान से यह मिसाइल लैस है। ऐसे में यदि यह कहा जाए तो असंभव नहीं होगा कि आज के समय की मांग को देखते हुए यह मिसाइल पूरी तरह सक्षम है। इस मौके पर डीआरडीओ तथा अंतरिम परीक्षण परिषद (आईटीआर) से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों और वैज्ञानिकों का दल मौजूद था।

Related Articles

Back to top button