Breaking
FBI की हैरान करने वाली रिपोर्ट, क्या अमेरिका में घुसकर मारेगा ईरान?HPCL के प्लांट में डबल मर्डर, पुलिस ने आरोपी के दोनों टांगों में मारा गोलीEarly News Hindi Daily E-Paper 13 March 2026Opposition के ‘Mic Off’ के आरोप पर स्पीकर ओम बिरला का पलटवार, कहा- मेरे पास कोई बटन नहीं हैदेश के कई शहरों में होटल रेस्ट्रोरेंट और ढाबे बंददेश भर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर की किल्लत, जबकि कमर्शियल सिलेंडर मिलना बंदCM धामी- अग्निवीर को 10% रिजर्वेशन देकर सुरक्षित करेंगे भविष्यईरान के मिसाइल हमले हुए कम, क्या है तेहरान की नई रणनीति?नहीं बढ़ेगा LPG गैस का दाम? सरकारी सूत्रों ने कहा- देश में पर्याप्त स्टॉकबुकिंग में आ रही है समस्या, कई जगह गैस वेंडर नहीं उठा रहे फ़ोन
अंतर्राष्ट्रीय

पिछले महीने ही जताई गई अफ़गान पर होगा तालिबान का कब्जा: अमेरिका

International: अमेरिका के दूतावासों का कहना है पिछले महीने आशंका जताई जा रही थी कि अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो सकता है और यह बात हुई सच.इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी दूतावास के करीब एक दर्जन अधिकारियों (US diplomats) ने जुलाई में ही काबुल पर तालिबान के कब्जे को लेकर चेतावनी जारी की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों को काबुल में तालिबान के आने की भनक तभी लग गई थी जब अमेरिका ने 31 अगस्त तक अपनी सेना की वापसी का ऐलान किया था. बता दें कि तालिबान के लड़ाके 15 अगस्त को काबुल में घुसे थे. इसके बाद तालिबान की तरफ से पूरे अफगानिस्तान पर कब्जे का ऐलान किया गया था.

काबुल में अमेरिकी दूतावास के हवाले से दावा किया है कि जुलाई के मध्य में इसको लेकर चेतावनी दी गई थी. अधिकारियों ने कहा था कि तालिबान का काबुल में आना तय है और अफगानिस्तान की सेना उन्हें नहीं रोक पाएगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 जुलाई को तालिबान के अत्याचरों का जिक्र करते हुए सख्त भाषा में विदेश विभाग को चेताया गया था.

क्या अमेरिका ने चेतावनी को नजअंदाज किया?

द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दावा किया है कि चेतावनी के साथ-साथ अमेरिकी अधिकारियों को बताया गया था कि कैसे इस संकट की चुनौती का सामना किया जाए. साथ ही बताया था कि कैसे अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों और राजनयिकों को बाहर निकाला जाए. बता दें कि जिस तरीके से अमेरिका ने अपने लोगों को काबुल से बाहर निकाला है, इसकी आलोचना भी कई लोग कह रहे हैं. आरोप लग रहे हैं कि अमेरिका ने निकासी में देरी की. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस खबर का खंडन किया है.

Related Articles

Back to top button