Breaking
CM गुप्ता का ऐलान, बख्शे नहीं जाएंगे भ्रष्टाचारी चलेगा बुलडोजरमस्जिद के मलबे के नीचे 15 फीट गहरा कुआं, कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंपसत्य निकेतन हादसे में हुई 7 मौतों में से 5 छात्र जबकि एक 75 वर्षीय मजदूरदिल्ली सत्य निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत,5 घायलों का इलाज जारीदिल्ली सत्य निकेतन में गिरी बिल्डिंग हादसे में अभी तक 5 लोगों का रेस्क्यू किया गयासत्य निकेतन में 4 मंजिला गिरी इमारत हादसे में घायल 4 की हालत गंभीरदिल्ली 3 लोगों को ट्रामा सेण्टर पहुँचाया गयासत्य निकेतन में 4 मंजिला इमारत गिरी, मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका, NDRF की टीम राहत बचाव में जुटीNashik में सड़कों पर क्यों उतरे आदिवासी छात्र? Rahul Gandhi के समर्थन मेंसत्य निकेतन के पास अचानक 4 मंजिला इमारत गिरी, मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका
Main slideअर्ली बिज़नेस

RBI ने सभी बैंकों की जारी की नई गाइडलाइंस, जिसे आप का जानना है जरूरी

आप जब एटीएम से कैश निकालने जाते हैं तो बहुत दफा आपको एटीएम में आउट ऑफ कैश या कैश खत्म होने के कारण एक से दूसरे एटीएम में जाने की परेशानियां उठानी पड़ती है. लोगों के इसी समस्या को देखते हुए आरबीआई ने देश के सभी बैंकों के एटीएम के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. इस गाइडलाइन के मुताबिक अगर किसी भी बैंक का ग्राहक एटीएम जाता है और उस एटीएम में कैश नहीं रहता है तो इसका हर्जाना बैंक को भुगतना पड़ेगा.

अगर किसी भी एटीएम में कैश नहीं रहेगा तो उस एटीएम के बैंक को जुर्माना भरना पड़ेगा.आरबीआई के नए गाइडलाइन के अनुसार 1 अक्टूबर 2021 से एक महीने में अगर किसी बैंक का एटीएम 10 घंटे से अधिक समय के लिए खाली रहता है तो उस बैंक पर जुर्माना लगना शुरू हो जएगा.

आरबीआई ने इस संबंध में एक सर्कुलर जारी किया है. इस सर्कुलर में कहा गया है कि एटीएम में फिक्स टाइम पर पैसे नहीं डाले जाने पर बैंक पर फाइन लगाया जाएगा. आरबीआई ने यह कड़ा फैसला इसलिए लिया है क्योंकि एटीएम में पैसे हो इसके प्रति बैंकों जिम्मेवार बने और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें. आरबीआई ने यह फैसला कैश-आउट के कारण एटीएम के डाउनटाइम की समीक्षा के बाद लिया.

आरबीआई द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार अगर किसी बैंक के एटीएम में एक महीने में 10 घंटे तक कैश नहीं होगा, तो वैसी स्थिति में 10,000 रुपये तक का जुर्माना लिया जा सकता है. इसके अलावा अगर बैंक एटीएम में कैश डालने के लिए किसी कंपनी की सुविधा ले रही है तो भी जुर्माना बैंक को ही चुकाना पड़ेगा. बैंक इसके भले ही बाद में उस कंपनी से पैसे वसूल कर ले.

Related Articles

Back to top button