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प्रियंका गांधी ने कहा ,भाजापा की नियत साफ है तो करे अजय मिश्र को बर्खास्त।

लखनऊ,: कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि यदि किसानों के प्रति सदभावनाएं सच्ची है तो लखीमपुर खीरी हिंसा करने वालों को दे सज़ा,
प्रियंका गांधी ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करने की मांग के साथ पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है। इतना ही नहीं, प्रियंका गांधी ने कहा कि योगी सरकार लखीमपुर खीरी हिंसा के आरोपितों को बचा रही है।

प्रियंका गांधी शनिवार 20 नवंबर को लखनऊ स्थित कौल हाउस में मीडिया के साथ मुखातिब हुई और पीएम मोदी को संबोधित पत्र पढ़कर सुनाया। प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लखनऊ में हैं और मैंने उन्हें पत्र लिखकर लखीमपुर खीरी मामले में पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है। प्रियंका गांधी ने कहा, ‘कल आपने तीन काले कृषि कानूनों को किसानों पर थोपने के अत्याचार को स्वीकार करते हुए उन्हें वापस लेने की घोषणा की। मैंने अखबारों में पढ़ा है कि आज आप लखनऊ में होने वाले डीजीपी कॉन्फ्रेंस में देश की कानून व्यवस्था संभालने वाले आला अधिकारियों से चर्चा करेंगे।’

प्रियंका गांधी वाड्रा ने आगे कहा, ‘लखीमपुर किसान नरसंहार में अन्नदाताओं के साथ हुई क्रूरता को पूरे देश न देखा। आपको यह जानकारी भी है कि किसानों को अपनी गाड़ी से कुचलने का मुख्य आऱोपी आपकी सरकार के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का बेटा है। राजनीतिक दबाव के चलते इस मामले में यूपी सरकार ने शुरूआत से ही न्याय की आवाज को दबाने की कोशिश की। सुप्रीम कोर्ट ने इस संदर्भ में कहा कि, सरकार की मंशा देखकर लगता है कि सरकार किसी विशेष आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है।’

प्रियंका गांधी नेे कहा कि, ‘मैं लखीमपुर के शहीद किसानों के परिजनों से मिली हूं। वे असहनीय पीड़ा में हैं। सभी परिवारों का कहना है कि वे सिर्फ अपने शहीद परिजनों के लिए न्याय चाहते हैं और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद पर बने रहते हुए उन्हें न्याय की कोई आस नहीं है। लखीमपुर किसान नरसंहार मामले में जांच की हालिया स्थिति उन परिवारों की आशंका को सही साबित करती है। देश की कानून व्यवस्था के ज़िम्मेदार गृह मंत्री अमित शाह एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आपके उसी मंत्री के साथ मंच साझा कर रहे हैं।’

प्रियंका ने कहा ‘आप देश के किसानों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को अच्छी तरह से समझते होंगे। हर देशवासी के लिए न्याय सुनिश्चित करना प्रधानमंत्री का कर्तव्य ही नहीं, उनका नैतिक दायित्व होता है। यदि यह सत्य है तो लखीमपुर किसान नरसंहार मामले में पीड़ितों को न्याय दिलवाना भी आपके लिए सर्वोपरि होना चाहिए। लेकिन, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी अभी भी आपके मंत्रिमंडल में अपने पद पर बने हुए हैं। यदि आप इस कॉन्फ्रेंस में आरोपी के पिता के साथ मंच साझा करते हैं तो पीड़ित परिवारों को स्पष्ट संदेश जाएगा कि आप अभी भी क़ातिलों का संरक्षण करने वालों के साथ खड़े हैं। यह किसान सत्याग्रह में शहीद 700 से अधिक किसानों का घोर अपमान होगा।’
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि अगर देश के किसानों के प्रति आपकी नियत सचमुच साफ है तो आज अपने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के साथ मंच पर विराजमान मत होईए, उनको बर्खास्त कीजिए। देश भर में किसानों पर हुए मुक़दमों को वापस लीजिए और सभी शहीद किसानों के परिवारों को आर्थिक अनुदान दीजिए।’

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