Breaking
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के चलते कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़पAsian Games 2026 | Gold For India | कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने रचा इतिहास, 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में भारत को दिलाया गोल्डभारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 8वीं बार जीता एशिया कप, मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से किया इनकारकुत्ते और बिल्लियों में एच5 बर्ड फ्लू के संक्रमण का खतरा, विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाहब्रिक्स समिट का समापन, दुनिया में बढ़ रहा तनाव, एक क्षेत्र तक संकट सीमित नहीं: PM मोदीModi-Jinping की मुलाकात, LAC से चीन ने घटाई सेनानीम करोली बाबा पर फिल्म हनुमान अंश ने कमाए 250 करोड़CM गुप्ता का ऐलान, बख्शे नहीं जाएंगे भ्रष्टाचारी चलेगा बुलडोजरमस्जिद के मलबे के नीचे 15 फीट गहरा कुआं, कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंपसत्य निकेतन हादसे में हुई 7 मौतों में से 5 छात्र जबकि एक 75 वर्षीय मजदूर
अर्ली बिज़नेस

डिजिटल गोल्ड की बिक्री पर लगी रोक.

नई दिल्ली। अगर आप भी डिजिटल गोल्ड खरीदते हैं तो ये खबर ध्यान से पढ़ लीजिए। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने शेयर ब्रोकर समेत अपने सदस्यों को 10 सितंबर से अपने मंच पर डिजिटल गोल्ड की बिक्री पर रोक लगा दी है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की ओर से चिंता जताने के बाद NSE ने यह कदम उठाया है। सेबी ने कहा था कि नियमों के खिलाफ जाकर कुछ सदस्य अपने ग्राहकों को डिजिटल सोना खरीदने और बेचने के लिए प्लेटफार्म दे रहे हैं।

इस संबंध में SEBI ने 3 अगस्त को एक चिट्ठी जारी की थी, जिसमें लिखा था कि इस तरह की गतिविधि सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) रूल्स (SCRR), 1957 के खिलाफ है. इसलिए NSE के सदस्यों को इस तरह की गतिविधि से दूर रहना चाहिए. قواعد لعبة بلاك جاك सेबी की चिंता के बाद एनएसई ने सदस्यों को इस तरह की गतिविधि पर रोक लगाने और हर समय नियम के हिसाब से काम करने का निर्देश दिया है। एससीआरआर नियम इस तरह की किसी भी गतिविधि में शामिल होने से रोकता है। सेबी ने कहा था कि एनएसई का कोई कर्मचारी इन तरह की गतिविधियां नहीं कर सकता है।

NSE ने दस अगस्त को जारी एक सर्कुलर में कहा, ‘मौजूदा समय में इन गतिविधि में शामिल सदस्य, इस सर्कुलर की तारीख से एक महीने के भीतर इस संबंध में सभी गतिविधियों को करना बंद कर दें। इन गतिविधियों को बंद करने के संबंध में आवश्यक सूचनाएं संबंधित ग्राहकों को दे दी जाये।’

प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) अधिनियम 1956 के अनुसार डिजिटल सोना प्रतिभूतियों की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आता है। उधर, ट्रेडस्मार्ट के चेयरमैन विजय सिंघानिया ने कहा कि किसी भी विनियमित संस्था की ओर से डिजिटल गोल्ड जारी नहीं की जाती हैं। यह जांचने का कोई तरीका नहीं है कि डिजिटल गोल्ड सर्टिफिकेट के अनुरूप भौतिक रूप में सोना है या नहीं।

Related Articles

Back to top button