Breaking
रजनीकांत-कमल हासन को लॉन्च करने वाले पद्मश्री विजेता डायरेक्टर भरतहिराजा का निधनजम्मू-कश्मीर: उरी सेक्टर में ग्रेनेड फटने से सेना के दो जवान शहीदअब दुश्मनो की खैर नहीं, भारत ने तैनात किए 12 परमाणु बमफिलीपीन्स में आया 7.8 तीव्रता का भूकंप, तटीय इलाकों में उठीं सुनामीINDIA Bloc मीटिंग में खरगे का मोदी सरकार पर हमला, विदेश नीति से लेकर SIR तक उठाए आरोपRealme P4R आगमन, 8000mAh बैटरी से मचाएगा तहलका, जानें फीचर्सटॉम क्रूज के को-स्टार जेम्स हैंडी की हत्या, गर्लफ्रेंड का बेटा कातिलरूस ने भारत को दिया 5वीं पीढ़ी के Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट का ऑफरकॉकरोच जनता पार्टी की पहली रैली में भारी भीड़, राजनेताओं की उड़ी नींदकुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन अटैक, एक भारतीय की मौत
अर्ली बिज़नेस

RBI जनवरी से बदल रहा है अपने नियम, आपका जानना है जरूरी

Delhi: डेबिट या क्रेडिट कार्ड नंबर 16 डिजिट का होता है और हर कोई इसे याद नहीं रख सकता है. खासकर ज्यादातर लोग एक से ज्यादा कार्ड का उपयोग करते हैं. अब भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) के नए नियमों के अनुसार, आपको कार्ड नंबर याद करना पड़ सकता है.दरअसल, जनवरी 2022 पेमेंट से जुड़ा एक महत्वपूर्ण नियम बदल सकता है और डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर हर बार डेबिट या क्रेडिट कार्ड नंबर डालना को लेकर तैयार है, जो जनवरी 2022 से लागू हो सकता है. संशोधित रेगुलेशन पेमेंट एग्रीगेटर्स और मर्चेंट जैसे अमेजन, फ्लिपकार्ट, नेटफ्लिक्स आदि को ग्राहक के कार्ड की जानकारी को अपने सर्वर या डेटाबेस में स्टोर करने से रोकते हैं.

नए नियमों के मुताबिक, ऑनलाइन मर्चेंट, ई-कॉमर्स वेबसाइट और पेमेंट एग्रीगेटर को ऑनलाइन ग्राहक के कार्ड डिटेल्स को स्टोर करने की अनुमति नहीं होगी. इसका मतलब यह है कि ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए आपको अपना कार्ड वेरीफिकेशन वैल्यू यानी सीवीवी (CVV) दर्ज करने के बजाए अपने सभी कार्ड विवरण नाम, कार्ड नंबर और कार्ड की वैलिडिटी दर्ज करनी होगी.

फिलहाल बार-बार नहीं डालना होता है 16 डिजिट का कार्ड नंबर

बता दें कि मौजूदा वक्त में किसी ऑनलाइन वेबसाइट पर आप दूसरी बार पेमेंट करते हैं तो आपको केवल सीवीवी और वन टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी (OTP) ही डालना होता है.

Related Articles

Back to top button