Breaking
पांच राज्यों में मतदान 9 अप्रैल से शुरू, बंगाल में 2 चरणों में होगा चुनावएलपीजी की किल्लत ख़तम, रसोई गैस लेकर आ रहे हैं दो जहाजों को ईरान के अधिकार क्षेत्र से गुजरने की मिली अनुमतिFBI की हैरान करने वाली रिपोर्ट, क्या अमेरिका में घुसकर मारेगा ईरान?HPCL के प्लांट में डबल मर्डर, पुलिस ने आरोपी के दोनों टांगों में मारा गोलीEarly News Hindi Daily E-Paper 13 March 2026Opposition के ‘Mic Off’ के आरोप पर स्पीकर ओम बिरला का पलटवार, कहा- मेरे पास कोई बटन नहीं हैदेश के कई शहरों में होटल रेस्ट्रोरेंट और ढाबे बंददेश भर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर की किल्लत, जबकि कमर्शियल सिलेंडर मिलना बंदCM धामी- अग्निवीर को 10% रिजर्वेशन देकर सुरक्षित करेंगे भविष्यईरान के मिसाइल हमले हुए कम, क्या है तेहरान की नई रणनीति?
Breaking NewsMain slideराष्ट्रीय

असम, बंगाल, केरल, तमिलनाडु और PDY, विधानसभा चुनावों में क्या है कांग्रेस की स्तिथि? जाने

हालिया भारतीय राजनीति में 2014-2024 का कालखंड कांग्रेस के लिए सबसे खराब रहा. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 99 पर पहुंची तो BJP अपने दम पर बहुमत से चूक गई. 2025 भी कांग्रेस के लिए एक निराशाजनक साल रहा. 2025 में दिल्ली, बिहार विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा. दिल्ली में 0 और बिहार में छह सीटें मिलीं.  दिल्ली में बीजेपी ने 27 साल बाद सत्ता में वापसी की. 70 सीट वाली दिल्ली विधानसभा में बीजेपी ने 48 सीटें जीतक स्पष्ट बहुमत हासिल किया.

2026 में चार राज्यों (असम, बंगाल, केरल, तमिलनाडु) और एक यूटी (पुदुचेरी) में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनावी रणभेरी बजने से पहले यानी इन राज्यों में चुनाव आयोग द्वारा चुनावी तारीखों की घोषणा के पहले देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस का हाल एकदम बेहाल सा दिख रहा है. तमिलनाडु, असम, केरल और बंगाल में कांग्रेस अंदरूनी फूट और गठबंधन के तनाव का सामना कर रही है. इन छोटे-मोटे सियासी दुखड़ों में पावर-शेयरिंग विवाद, लीडरशिप में अंदरूनी खटपट/खींचतान और इस्तीफे के साथ अलग-अलग बयानबाजी और फॉर्मल गठबंधन की कमी जैसी चीजें हैं, जो कांग्रेस (INC) की चुनावी स्ट्रैटेजी पर असर डालते दिख रहे हैं.

कांग्रेस के लिए पूरी जिंदगी लगा देने वाले वेटरन हों या सियासी करियर दांव पर लगाने वाले युवा नेता सब केंद्रीय नेतृत्व में खासकर राहुल गांधी के खिलाफ खुलकर बयानबाजी करते दिख रहे हैं. पूर्व कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर को ही ले लीजिए वो केरल की लेफ्ट सरकार की सराहना करके विवादों में आए ही थे कि तमिलनाडु के सीएम एमके स्‍टालिन की तारीफ कर बैठे. इसके बाद हालात ऐसे बनें कि कांग्रेस प्रवक्ताओं को मजबूरी में ये प्रतिक्रिया देते हुए कहना पड़ा कि वो हमारे नेता नहीं है, न उनसे कांग्रेस का कोई लेना-देना है.

Related Articles

Back to top button