Breaking
CM धामी- अग्निवीर को 10% रिजर्वेशन देकर सुरक्षित करेंगे भविष्यईरान के मिसाइल हमले हुए कम, क्या है तेहरान की नई रणनीति?नहीं बढ़ेगा LPG गैस का दाम? सरकारी सूत्रों ने कहा- देश में पर्याप्त स्टॉकबुकिंग में आ रही है समस्या, कई जगह गैस वेंडर नहीं उठा रहे फ़ोनकई जगह होटल और रेस्ट्रोरेंट एलपीजी गैस की किल्लत से बंदEarly News Hindi Daily E-Paper 11 March 2026पाक एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने वाला आदर्श कुमार उर्फ ​​लकी पुलिस की गिरफ्त मेंजंग के बीच तेल-गैस की किल्लत, क्‍या भारत में भी बढ़ेंगे दाम?T20 वर्ल्ड कप फाइनल में पर भारत की एकतरफा जीत, लगातार दो बार जीतने वाली बनी पहली टीमईरान के राष्ट्रपति का ऐलान, कहा- जब तक पड़ोसी देशों की ओर से ईरान पर नहीं होता हमला, तब तक ईरान हमला करेगा बंद
Breaking NewsMain slideराज्य

Meghalaya Illegal Mining: NGT के बैन के बावजूद भी खनन क्यों? ब्लास्ट में Assam के 18 मजदूरों की मौत

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

असम। मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक संदिग्ध अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट में 16 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि गुरुवार को मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के एक गांव में संदिग्ध अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट में असम के कम से कम 18 मजदूर मारे गए और कई अन्य खदान में फंस गए। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि यह घटना थांगस्कू इलाके में हुई।

जानकारी के अनुसार से खबर लिखे जाने तक खदान से 18 शव निकाले जा चुके हैं और कई अन्य घायल हो गए हैं जिन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है और आगे के इलाज के लिए शिलांग रेफर किया जाएगा। कुमार ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल पर बचाव अभियान चलाने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल से सहायता ली और बचाव कार्य जारी है। माना जा रहा है कि यह विस्फोट अवैध रूप से चल रहे कोयला खनन स्थल पर हुई गतिविधि के दौरान हुआ। जब अधिकारी से पूछा गया कि क्या खदान अवैध है, तो उन्होंने कहा, “हां, ऐसा प्रतीत होता है।” कुमार ने आगे कहा कि विस्फोट का कारण अभी तक ज्ञात नहीं है और इसकी जांच की जाएगी।

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने 2014 में मेघालय में पर्यावरण को होने वाले नुकसान और गंभीर सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए रैट-होल कोयला खनन और अन्य अवैज्ञानिक खनन पद्धतियों पर प्रतिबंध लगा दिया था और इस तरह से निकाले गए कोयले के अवैध परिवहन पर भी रोक लगा दी थी। रैट-होल खनन में श्रमिकों के कोयला निकालने के लिए संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं, जो आमतौर पर लगभग 3 से 4 फीट ऊंची होती हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने बाद में इस प्रतिबंध को बरकरार रखते हुए केवल वैज्ञानिक और विनियमित प्रक्रियाओं के माध्यम से उचित पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों के साथ कोयला खनन की अनुमति दी।

Related Articles

Back to top button