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कंगना के अटपटे बयान से देश भर में नाराज़गी , विशाल ने सिखाया सबक ,

नई दिल्ली :मेरी टी शर्ट पर शहीद सरदार भगत सिंह हैं, नास्तिक, दार्शनिक कवि, स्वतंत्रता सेनानी, भारत के बेटे और किसान के बेटे।‘

‘मजबूती के साथ मैसेज पहुंचाएं’
ये मैसेज है महान संगीतकार का कंगना के लिए ,पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद आज़ादी पर दी अपनी बेतुकी बातों से देश के स्वतंत्रता सेनानियों की बेइज़्ज़ती करने वाली कंगना के लिए ,  जिसके बाद पूरे देश में नाराज़गी है |
कंगना रनौत ‘भीख में आजादी’ वाले विवादास्पद और बेतुके  बयान पर चौतरफा घिरी नजर आ रही हैं। उनके पद्मश्री सम्मान वापस करने की मांग की जा रही है। देश के अलग-अलग जगहों पर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। संगीतकार विशाल ददलानी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कंगना को जमकर खरी-खोटी सुनाई और लिखा कि उन्हें ऐसा मैसेज दिया जाना चाहिए जिससे इस तरह की बात वह दोबारा ना कर सकें।
विशाल सोशल मीडिया पर काफी मुखर रहे हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी एक तस्वीर पोस्ट की है। उनकी टी-शर्ट पर भगत सिंह की तस्वीर बनी है जिस पर जिंदाबाद लिखा हुआ है। इसके साथ विशाल ने लिखा कि ‘उस महिला को याद दिला दें जिन्होंने कहा कि हमारी आजादी भीख थी।

विशाल आगे लिखते हैं, ‘उन्होंने हमारी आजादी के लिए अपनी जिंदगी दे दी, 23 साल की उम्र में भारत की आजादी के लिए अपनी जिंदगी दे दी। अपने होठों पर मुस्कान लिए और गीत गाते हुए फांसी पर चढ़ गए।

उसे याद दिला दीजिए, सुखदेव, राजगुरु, अश्फाकुल्ला और हजारों अन्य लोगों ने जिन्होंने झुकने से मना कर दिया, भीख मांगने से इनकार कर दिया।

उसे विनम्रता लेकिन मजबूती के साथ याद दिलाएं जिससे वह भूलकर भी यह गलती दोबारा करने की हिम्मत ना करें।‘

विरोध के बाद कंगना का पोस्ट
इससे पहले कंगना ने कहा कि असली आजादी 2014 में मोदी सरकार के आने के बाद मिली है। 1947 में मिली आजादी तो भीख में मिली थी। जब उनका विरोध होने लगा तो सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कंगना ने लिखा कि ‘1947 में आजादी के लिए कौन सा युद्ध लड़ा गया था? मुझे तो इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई मुझे इस बारे में जानकारी दे दे तो मैं माफी तो मांग लूंगी, साथ ही पद्मश्री भी लौटा दूंगी।‘

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