Breaking
CM धामी- अग्निवीर को 10% रिजर्वेशन देकर सुरक्षित करेंगे भविष्यईरान के मिसाइल हमले हुए कम, क्या है तेहरान की नई रणनीति?नहीं बढ़ेगा LPG गैस का दाम? सरकारी सूत्रों ने कहा- देश में पर्याप्त स्टॉकबुकिंग में आ रही है समस्या, कई जगह गैस वेंडर नहीं उठा रहे फ़ोनकई जगह होटल और रेस्ट्रोरेंट एलपीजी गैस की किल्लत से बंदEarly News Hindi Daily E-Paper 11 March 2026पाक एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने वाला आदर्श कुमार उर्फ ​​लकी पुलिस की गिरफ्त मेंजंग के बीच तेल-गैस की किल्लत, क्‍या भारत में भी बढ़ेंगे दाम?T20 वर्ल्ड कप फाइनल में पर भारत की एकतरफा जीत, लगातार दो बार जीतने वाली बनी पहली टीमईरान के राष्ट्रपति का ऐलान, कहा- जब तक पड़ोसी देशों की ओर से ईरान पर नहीं होता हमला, तब तक ईरान हमला करेगा बंद
राष्ट्रीय

उत्तर प्रदेश 5 अगस्त को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना दिवस पर एक साथ 80 लाख लोगों को बांटा जाएगा राशन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) 5 अगस्त को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना दिवस मना रहा है. इस अवसर पर पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जायेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि योजना का लाभ उठाने में कोई लाभार्थी पीछे न छूट जाये. राज्य के लगभग 15 करोड़ लाभार्थियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के जरिये निशुल्क राशन मिल रहा है. राज्य में लगभग 80 हजार सरकारी गल्ले की दुकानें योजना के तहत लाभार्थियों को अनाज उपलब्ध करा रही हैं.

5 अगस्त को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की 80 हजार राशन की दुकानों से एक दिन में 80 लाख लोगों को फ्री राशन (Free Ration) बांटा जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) गरीब कल्याण अन्न योजना के लाभार्थियों से सीधा संवाद करेंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) अयोध्या में गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न वितरित करेंगे.

इस योजना के तहत 11 महीने केंद्र सरकार और पांच महीने राज्य सरकार ने लोगों को 10 करोड़ कुंतल से अधिक फ्री राशन कोरोना काल में दिया है. 25 करोड़ की आबादी वाले राज्य यूपी में 15 करोड़ लोगों को हर माह फ्री राशन मिल रहा है. सीएम योगी ने निर्देश दिया था कि एक भी जरूरतममंद राशन से वंचित न रहे. राशन कार्ड न हो, तो तत्काल बनावाए जाएं. राज्य सरकार को ई-पॉस मशीनों से राशन वितरण के कारण मई तक करीब 3263 करोड़ से अधिक की सब्सिडी की बचत हुई.

पिछली सरकारों में राशन के लिए लोगों को धरना-प्रदर्शन करना पड़ता था. अनाज की काला बाजारी और भ्रष्टाचार चरम पर था. कोरोना काल में 43,572 कार्ड धारकों ने दूसरे राज्यों और दूसरे राज्यों के 6616 कार्ड धारकों ने यूपी में राशन लिया. 8137 से अधिक असहाय लोगों को उनके घर पर ही राशन पहुंचाया गया. इस दौरान प्रति यूनिट पांच किलो गेहूं, चावल और चना भी दिया गया. अभी नवंबर तक और यह योजना बढ़ाई गई है.

Related Articles

Back to top button