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विधायिका को लेकर समाज में बनी नकारात्मक धारणा में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन आया है- महाना

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि पिछले चार वर्षों में प्रदेश की विधायिका को लेकर समाज में बनी नकारात्मक धारणा में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन आया है। श्री महाना ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी सीमाओं में रहकर अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के सफलतापूर्वक संपन्न होने के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता में माननीय अध्यक्ष ने सत्र की उपलब्धियों और सदन के बदलते स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक समय था जब विधानसभा की कार्यवाही को लेकर आमजन के मन में शंका और निराशा का भाव था, किंतु आज वही सदन गंभीर, सार्थक और परिणाममुखी चर्चाओं का केंद्र बन चुका है।

अध्यक्ष ने कहा कि 18वीं विधानसभा ने लोकतांत्रिक मूल्यों को सहेजते हुए नवाचार, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक को अपनाकर कार्यसंस्कृति में व्यापक सुधार किया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा अब केवल एक ऐतिहासिक भवन नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व, अनुशासन और जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त मंच बन चुकी है। इन सुधारात्मक प्रयासों के कारण प्रदेश की विधानसभा को देश की अग्रणी विधानसभाओं में प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त हुआ है।

उन्होंने बताया कि बजट सत्र अनेक दृष्टियों से महत्वपूर्ण, विचारोत्तेजक और परिणाममुखी रहा। वित्तीय वर्ष के बजट पर विस्तृत, गंभीर और सारगर्भित चर्चा की गई। विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर क्रमबद्ध विचार-विमर्श हुआ तथा जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन की स्वीकृति प्राप्त हुई। प्रश्नकाल के माध्यम से शासन-प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित की गई, जबकि शून्यकाल में जनसरोकार के विविध विषय प्रभावी ढंग से उठाए गए। इससे स्पष्ट है कि सदन जनता की आवाज को सरकार तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।

अध्यक्ष ने संतोष व्यक्त किया कि पूरे सत्र के दौरान पक्ष और विपक्ष दोनों ने संसदीय मर्यादाओं का सम्मान किया। मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक अंग हैं, किंतु संवाद, संयम और शालीनता उसकी मूल आत्मा हैं। इस सत्र में स्वस्थ बहस, तार्किक प्रतिपादन और सकारात्मक सहभागिता देखने को मिली, जो प्रदेश की संसदीय परंपराओं के लिए अत्यंत उत्साहवर्धक है। विभिन्न दलों के सदस्यों द्वारा विधानसभा के बदलते स्वरूप की सराहना भी की गई।

पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए माननीय अध्यक्ष ने मीडिया प्रतिनिधियों का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की सकारात्मक छवि को जन-जन तक पहुँचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अंत में उन्होंने सभी माननीय सदस्यों, संसदीय कार्य मंत्री, नेता प्रतिपक्ष तथा विभिन्न दलों के नेताओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सदन की गरिमा, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को सर्वोपरि रखते हुए भविष्य में भी स्वस्थ और सार्थक संवाद की परंपरा को और सुदृढ़ किया जाएगा।

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