Breaking
एलपीजी की किल्लत ख़तम, रसोई गैस लेकर आ रहे हैं दो जहाजों को ईरान के अधिकार क्षेत्र से गुजरने की मिली अनुमतिFBI की हैरान करने वाली रिपोर्ट, क्या अमेरिका में घुसकर मारेगा ईरान?HPCL के प्लांट में डबल मर्डर, पुलिस ने आरोपी के दोनों टांगों में मारा गोलीEarly News Hindi Daily E-Paper 13 March 2026Opposition के ‘Mic Off’ के आरोप पर स्पीकर ओम बिरला का पलटवार, कहा- मेरे पास कोई बटन नहीं हैदेश के कई शहरों में होटल रेस्ट्रोरेंट और ढाबे बंददेश भर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर की किल्लत, जबकि कमर्शियल सिलेंडर मिलना बंदCM धामी- अग्निवीर को 10% रिजर्वेशन देकर सुरक्षित करेंगे भविष्यईरान के मिसाइल हमले हुए कम, क्या है तेहरान की नई रणनीति?नहीं बढ़ेगा LPG गैस का दाम? सरकारी सूत्रों ने कहा- देश में पर्याप्त स्टॉक
राज्य

कब किसान खाली करेंगे दिल्ली बॉर्डर, राकेश टिकैत ने बताया

नई दिल्ली। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया है कि दिल्ली के गाजीपुर, टीकरी और सिंघु बॉर्डर पर डटे किसान 15 से 16 दिसंबर तक हट जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम कल से बॉर्डरों से हटना शुरू करेंगे और 4 से 5 दिन यानी 15 से 16 दिसंबर तक बॉर्डर खाली कर देंगे। गुरुवार को ही किसान संगठनों की संस्था संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन की समाप्ति का ऐलान करते हुए कहा था कि हम शनिवार से घर वापसी शुरू कर देंगे। इसके बाद से दिल्ली बॉर्डरों पर जाम की समस्या खत्म होने और लोगों को आवाजाही में होने वाली परेशानी दूर होने की उम्मीद बढ़ गई है।

राकेश टिकैत ने गाजीपुर बॉर्डर को लेकर कहा कि हम कम से कम एक रोड को 12 दिसंबर तक खाली करने का प्रयास करेंगे। किसान नेता ने कहा कि सरकार से फिलहाल कोई गतिरोध नहीं है और समझौता हो गया है। यही नहीं उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में जुटने वाले लोगों के लिए हर साल 8 से 10 दिनों के लिए एक मेले का आयोजन किया जाएगा। इससे लोगों को आपस में मुलाकात करने का मौका मिल सकेगा। इस बीच सिंघु, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर से किसानों की वापसी का दौर शुरू हो गया है। टेंट उखड़ने लगे हैं, तंबू निकाल कर गाड़ियों में रखे जा रहे हैं। इसके अलावा लंगर का सामान भी लौट रहा है।

गुरुवार को सुबह किसान आंदोलनकारियों को सरकार की ओर से एक आधिकारिक लेटर मिला था। इस पर सहमति बन गई थी और फिर संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग के बाद आंदोलन की समाप्ति का ऐलान किया गया। हरियाणा, यूपी, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड जैसे राज्यों ने किसान आंदोलनकारियों से तत्काल मुकदमों को भी वापस लेने की बात कही थी। इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने दिल्ली में सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

Related Articles

Back to top button