Breaking
Breaking NewsMain slideअंतर्राष्ट्रीय

ईरान की अमेरिका धमकी- हमारी जमीन पर आए तो वापस नहीं लौट पाएंगे US सैनिक

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हालात लगातार गंभीर होते नजर आ रहे हैं और अब इस संकट ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच ईरान के एक प्रमुख अंग्रेजी अखबार ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए साफ संकेत दिए हैं कि अगर जमीनी कार्रवाई की गई तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, ईरान के अखबार ने अपने पहले पन्ने पर बेहद सख्त संदेश प्रकाशित किया, जिसमें कहा गया कि यदि अमेरिकी सैनिक ईरान की जमीन पर कदम रखते हैं तो उनकी वापसी बेहद मुश्किल होगी। बता दें कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब खबरें सामने आ रही हैं कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ाने पर विचार कर रहा है।

गौरतलब है कि अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हजारों अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने की योजना पर विचार हो रहा है। इस कदम से अमेरिका को सैन्य विकल्पों में बढ़त मिल सकती है, खासकर उस स्थिति में जब संघर्ष और ज्यादा बढ़ता है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर कई बार कहा है कि बातचीत जारी है और जमीनी युद्ध की संभावना कम है, लेकिन हालिया तैयारियां कुछ और ही संकेत दे रही हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, संभावित तैनाती के लिए ऐसे इलाकों पर नजर है जो ईरान के रणनीतिक ठिकानों के करीब हैं। खासकर खाड़ी क्षेत्र के महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्रों और समुद्री मार्गों को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। इससे साफ है कि यह संघर्ष केवल सीमित नहीं रह सकता, बल्कि बड़े आर्थिक और वैश्विक असर डाल सकता है। वहीं, ईरान की ओर से भी कड़ा रुख देखने को मिल रहा है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया तो इसका जवाब पूरे क्षेत्र में दिया जाएगा। इसमें यमन में हूती विद्रोहियों के जरिए लाल सागर में हमले फिर से शुरू होने की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।

बता दें कि पहले से ही होरमुज स्ट्रेट पर दबाव बना हुआ है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है। ऐसे में अगर संघर्ष इस क्षेत्र से आगे बढ़ता है तो स्थिति और ज्यादा मुश्किल हो सकती है।गौरतलब है कि एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर सैन्य कार्रवाई तेज होती दिख रही है। इजरायल की ओर से ईरान और लेबनान में हमले जारी हैं, जबकि जवाब में क्षेत्रीय संगठनों की सक्रियता भी बढ़ रही है। मौजूद हालात यह संकेत दे रहे हैं कि यह संघर्ष जल्द खत्म होने वाला नहीं है और आने वाले हफ्तों में स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों पक्षों ने संयम नहीं दिखाया तो यह संकट पूरे क्षेत्र को लंबे समय तक अस्थिर कर सकता है।

Related Articles

Back to top button