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बजरंग बली और प्रभु श्रीराम वेशधारी कलाकारों को अखिलेश यादव ने किया सम्मानित

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क। 

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ में आज बजरंग बली (राहुल गुप्ता) और प्रभु श्रीराम (आदित्य वाल्मीकि) वेशधारी कलाकारों को समाजवादी पार्टी के  राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सम्मानित किया और उन्हें 51 हजार रू0 राशि भी प्रदान की। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने कहा कि हमने प्रभु श्री राम जी और प्रभु हनुमान जी का आशीर्वाद लिया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जिस प्रकार एक मजबूर और बेबस कलाकार की प्रतिभा का दुरुपयोग अपना राजनीतिक स्वार्थ साधने के लिए किया वो बेहद निंदनीय है। सबको मालूम है कि कुछ दिनों पहले, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लखनऊ आगमन पर, उनके रथ के आगे एक कलाकार हनुमान जी के रूप में नृत्य करवाया गया था। संपूर्ण विश्व के बजरंगबली जी के उपासकों में आज तक इससे गहरा आक्रोश है।


श्री यादव ने कहा कि इसमें किसी गरीब कलाकार का कोई दोष नहीं है क्योंकि भाजपा सरकार में कलाकारों के लिए कोई स्थान नहीं है, इसीलिए वो अपने परिवार को चलाने के लिए विवश हैं। नकारात्मक भाजपाई सदैव सृजनात्मकता के विरोधी रहे हैं क्योंकि सृजनात्मकता रूढ़ियों और रूढ़िवादिता के विरुद्ध ही अपना नया रास्ता निकालती है, जो भाजपा की पुरातनपंथी-दकियानूसी सोच को तनिक भी रास नहीं आता है क्योंकि उनके अंदर रचनात्मकता की अभिव्यक्ति से ‘सत्ता विरोधी लहर’ के और भी बलवती होने का डर समाया रहता है। इसीलिए चाहे साहित्यकार हो, ईमानदार पत्रकार हो या कोई भी कलाकार, ये भाजपाई और उनके संगी-साथी चाहते ही नहीं हैं कि वो मुखर हो या उनकी कलात्मक अभिव्यक्ति को किसी भी तरह का कोई मंच मिले। अगर भाजपाई कलाकारों को कभी मौका देते भी हैं तो अपने सम्मान के लिए, न कि कलाकारों के सम्मान के लिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि आज हम सबने मिलकर आर्थिक तंगी झेल रहे कलाकार की सहायता की और आगे भी करेंगे जिससे वो अपने परिवार में चल रही बीमारी और बदहाली का सामना कर सके। उन्होंने कहा कि ‘कलात्मकता’ मानवता का परिष्कार करती है। कला सहिष्णुता, सद्भाव, सौहार्द, समानता बढ़ाती है, इसीलिए जो लोग बंटवारे की नकारात्मक राजनीति करते हैं वो कलाकारों के विरोधी होते हैं।
श्री यादव ने कहा कि हम हर कलाकार से वादा करते हैं कि जिस प्रकार हमने अपनी सरकार के दौरान कलाकारों को हर तरह से मान-सम्मान और आर्थिक सहयोग किया था, नई सरकार के आने पर भी रचनात्मकता की उस स्वस्थ परंपरा को और भी आगे बढ़ाएँगे और उत्तर प्रदेश से संबद्ध विशेष प्रतिभावानों के सामाजिक योगदान को ‘यश भारती सम्मान’ व 1 लाख रूपये प्रतिमाह देकर उनका आजीवन अभिनन्दन करेंगे।
श्री अखिलेश यादव ने याद दिलाया कि रामलीला हमारी सांस्कृतिक विरासत है। समाजवादी सरकार में रामायण मेला का आयोजन चित्रकूट में किया गया था। वर्षों से भगवान श्रीराम, हनुमान और अन्य पात्रों का जीवंत अभिनय हमें प्रेरणा देता रहा है।

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