Breaking
युवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफाCJP Protest: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, CRPF की 20 कंपनियां तैनातमानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने की परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कार्यस्थगन नोटिससोनम वांगचुक को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24×7 मुलाकात की इजाजतरोहित शर्मा की 138 रन की धमाकेदार पारी, बने लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय,BRICS का ड्रग्स के खिलाफ ऐलान, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर लगाएगा पाबंदीराजौरी के जंगलों में आतंकवादियों की घेराबंदी, कुपवाड़ा में Hideout ध्वस्तराम मंदिर से जुड़ा एक और घोटाला? टिन्नू ने हर महीने कमाए लाखों! प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही वीआईपी दर्शन करवाने के खेल में हर महीने लाखों रुपये की वसूलीमंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनो को लेकर भी जांचराम मंदिर चढ़ावा चोरी-डकैती के ऊपर भी कोई शब्द हो वो इस्तेमाल होना चाहिए- अखिलेश
एजुकेशन

सीएमएस के छात्रों ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा कराने हेतु की अपील

कोरोना संक्रमण के तेजी से घटते स्तर के बावजूद 12वीं की बोर्ड परीक्षा न होने के दशा अपने भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की छात्रों को अपने दो वर्षों के कठिन परिश्रम का वास्तविक परिणाम न मिलने की चिंता

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क  

लखनऊ, 18 जून। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के छात्रों तथा संस्थापक-प्रबन्धक व प्रख्यात शिक्षाविद्, डॉ जगदीश गाँधी ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा के आयोजन करने के लिए, ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से अपील करी और कहा कि 12th की बोर्ड परीक्षा अवश्य कराई जाए ताकि देश के लाखों छात्रों के दो वर्षों के कठिन परिश्रम का वास्तविक परिणाम उन्हें मिल सके और उनके भविष्य के साथ न्याय हो सके।

सिटी मोन्टेसरी स्कूल के कक्षा 12वीं के छात्र एकलव्य अग्रवाल, श्रुति शुक्ला, स्नेहा अरोरा और एकाग्र गुप्ता ने कहा कि कोरोना संक्रमण के तेजी से घटते स्तर के बावजूद परीक्षा न होने की दशा में अपने भविष्य को लेकर लिए चिंता व्यक्त की और कहा की 30-30-40 के फार्मूले वह संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि जिन छात्रों ने मेहनत नहीं करी है उन्हें भी इस फॉर्मूले से अच्छे मार्क्स मिल जाएंगे।

डॉ जगदीश गाँधी ने कहा कि विद्यार्थी जीवन कि पहला पड़ाव दशवीं तथा दूसरा पड़ाव बारहवीं होता है जो कि बहुत ही महत्त्वपूर्ण होता है। बारहवीं की बोर्ड परीक्षा से छात्रों का भविष्य निर्धारित होता है।

डॉ गाँधी अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहते है कि जिस प्रकार से NEET, IIT, JEE, विश्वविद्यालय प्रवेश हेतु *प्रवेश परीक्षा का आयोजन कराया जाएगा एवं अन्य प्रतियोगी प्ररीक्षाओं का आयोजन करा रहे है और जिसमें की लाखो बच्चे बैठेंगें उसी प्रकार से पूरी सावधानी के साथ बारहवीं की बोर्ड परीक्षा करना सुनिश्चित की जानी चाहिए ।

Related Articles

Back to top button