Breaking
गृह मंत्री परमेश्वर का ‘Cockroach Janta Party’ पर एक्शन, बोले- पुलिस का फैसला स्वतंत्रनेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई ‘Dhurandhar: Raw and Undekha’, जाने क्या है खासह्यूमन ट्रैफिकिंग पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 4 हफ्ते में AHTU बनाने को बोलापुलवामा हमले से जुड़ा आतंकवादी हमज़ा बुरहान पाकिस्तान में ढेर, हमलावरों ने गोलियों से किया छल्लीसीएम रेखा का ऐलान, दिल्ली में पानी-सीवर कनेक्शन सस्ताEarly News Hindi Daily E-Paper 20 May 2026वियतनाम के साथ रक्षा मंत्री की इमरजेंसी मीटिंगPM मोदी की नॉर्वे यात्रा, संबंधों में जोड़ा नया अध्यायकेरलम में कांग्रेस की सरकार,वी डी सतीसंन ने 20 मंत्रियों संघ ली सीएम पद की शपथपीएम पर भड़के राहुल गाँधी, नीट पेपर लीक पर एजुकेशन मिनिस्टर को बर्खास्त करने की करी मांग
Main slideउत्तर प्रदेश

विकास दुबे के 21 मुकदमों की फाइल हुई गायब, पुलिस पर गिरी गाज

लखनऊ: अब एक और नई बात सामने आई है विकास दुबे पर चल रहे 21 मुकदमों की फाइल अचानक से गायब हो गई है. तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने कई बार इन फाइलों की डिमांड की।लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग और अधिकारी इन फाइलों को उपलब्ध नहीं करा पाए। ये सभी फाइलें पांच महीने के अंदर गायब हुईं है। लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

 

न्यायिक आयोग ने विकास दुबे से जुड़ी फाइलों के गायब होने को गंभीर चूक मानते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की बात अपनी जांच रिपोर्ट में लिखी है। जिन मुकदमों की फाइलें गायब हैं, उनमें से ज्यादातर मुकदमों में विकास दुबे कोर्ट से बरी हो गया था।

 

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जस्टिस बीएस चौहान की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट गुरुवार को विधानसभा के पटल पर रखी गई थी। आयोग में हाई कोर्ट के रिटायर्ड न्यायमूर्ति शशिकांत अग्रवाल और रिटायर्ड डीजीपी केएल गुप्ता बतौर सदस्य शामिल थे। जांच रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कानपुर पुलिस, प्रशासन और राजस्व के अधिकारियों से विकास दुबे के खिलाफ दर्ज 65 मुकदमों से जुड़ी एफआईआर, चार्जशीट, गवाहों की सूची, उनके बयान से जुड़ी फाइलें मांगी थीं।

Related Articles

Back to top button