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उत्तर प्रदेश

यूपी: ये गांव बाढ़ से हुआ तबाह, कहीं लोग तो कहीं भूखे हैं पशु

चंदौली: यूपी के इस गांव में बाढ़ से तबाह लोग काफी परेशान है खासकर तटवर्ती इलाके के लोग इससे ज्यादा प्रभावित हुए थे. चंदौली का रौना गांव गंगा नदी (Ganga River) से बिलकुल सटा हुआ है और बाढ़ के समय रौना गांव चारों तरफ से डूब चुका था. गांव में केवल पानी ही पानी था. गांव के अजय तिवारी (Ajay Tiwari) का पूरा घर बाढ़ में डूब गया था. 4 लोगों के परिवार ने छत पर तिरपाल लगाकर गुजर बसर किया था. बाढ़ बीतने के बाद जिले का कोई भी आला अधिकारी इनके पास नहीं पहुचा है. बाढ़ में सबकुछ डूब जाने के बाद इस परिवार पर संकट आ गया. एक तरफ पूरा परिवार भोजन (Food) की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है तो वहीं, दूसरी तरफ जानवरों के लिए चारा भी नहीं मिल पा रहा है.

दाने-दाने को मोहताज है परिवार

“प्रकृति से ना कोई लड़ पाया है और ना ही लड़ पाएगा” आप खुद ही इससे बचने का उपाय खोज सकते है. कुछ ऐसा ही कर दिखाया था बाढ़ के समय में चंदौली के रौना गांव के रहने वाले अजय तिवारी ने. बाढ़ से उनका पूरा घर डूब चुका था. बाढ़ से समय अजय तिवारी ने छत के ऊपर तिरपाल लगाकर जिंदगी गुजारी थी लेकिन बाढ़ खत्म होने के बाद जिंदगी और भी दूभर हो गई है. परिवार दाने-दाने को मोहताज है लेकिन, आला अधिकारी इस परिवार से मिलनें तक नहीं पहुचे हैं.

परिवार में हैं 4 लोग

अजय तिवारी ने बताया कि उनके परिवार में कुल 4 लोग हैं. पत्नी और दो बच्चे. बड़े बेटे ने इस वर्ष 10वीं पास की है, वहीं छोटा वाला बेटा सातवीं क्लास में पढ़ता है. अजय तिवारी के पास महज 4 से 5 बिस्सा जमीन है और एक छोटी सी दुकान. दो जानवर भी इनके पास हैं एक गाय और एक भैंस. अब बाढ़ के हालात ये हैं कि परिवार भोजन (Food) की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है और जानवरों के लिए चारा भी नहीं मिल पा रहा है.

बाढ़ में सबकुछ तबाह हो गया

कुल मिलाकर अजय तिवारी के पास पूंजी के रूप में 5 बिस्सा जमीन है. उसी से जो मिल उसी से भोजन की व्यवस्था होती है. कुछ पैसा दोनों जानवरों का दूध बेचने से मिल जाता है. लेकिन, बाढ़ में जो था वो बर्बाद हो चुका है. अजय तिवारी से अभी तक कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी मिलने नहीं आया है. किसी तरह गुजर बसर करने को मजबूर अजय तिवारी कहते हैं कि मुश्किल से जीवन कट रहा है, बाढ़ में सब कुछ बर्बाद हो चुका है. केवल मुफ्त में राशन मिल रहा इलाकों का दौरा किया है जहां बाढ़ की वजह से जन जीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो चुका था. चंदौली में टीम ने ऐसे परिवारों से मुलाकात की जो बाढ़ में पूरी तरह फंस चुके थे. इन परिवारों का बाढ़ में सबकुछ तबाह हो चुका है. लेकिन, बाढ़ के बाद अभी तक सरकार की तरफ से किसी भी तरह की मदद लोगों को नहीं मिल पाई है.

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