Breaking
राम मंदिर से जुड़ा एक और घोटाला? टिन्नू ने हर महीने कमाए लाखों! प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही वीआईपी दर्शन करवाने के खेल में हर महीने लाखों रुपये की वसूलीमंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनो को लेकर भी जांचराम मंदिर चढ़ावा चोरी-डकैती के ऊपर भी कोई शब्द हो वो इस्तेमाल होना चाहिए- अखिलेशजनरल धीरज सेठ नए आर्मी चीफचंपत राय बंसल-चढ़ावा चोरी में भूमिका नहींचंदा चोरी केस में SIT की फाइनल रिपोर्ट जुलाई के पहले सप्ताह में आएगीचढ़ावा चोरी से सनातन का नुक़सान-धीरेंद्र शास्त्री13 जुलाई तक जेल भेजे गए सभी आरोपीराम मंदिर ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफ़ा2027 और 2029 की तैयारी में UP BJP, नीरज सिंह और पूजा पाल बने प्रदेश उपाध्यक्ष, हटे कई पुराने नाम
Breaking Newsअर्ली बिज़नेस

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़े कच्चे तेल के दामों की वजह बनी रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि

NEW DELHI: भारत में वर्तामन समय में जिस तरह से रसोई गैस के दाम दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं वह दिन दूर नहीं जब पुरानी रसोई और लकड़ी के चूल्हे का प्रयोग करना पड़ेगा। लोग पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हो रही वृद्धि से बेहद परेशान है। जिसका असर भी दिखने लगा है। क्योंकि ग्रामीण इलाकों में अब घरों में एलपीजी सिलेंडर महंगा होने के कारण उसका प्रयोग पहले की तुलना में कम हो गया है रिपोर्ट के अनुसार, त्योहार सीजन में आपको रसोई गैस के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।

ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि एलपीजी सिलेंडर के दाम 1 हजार के पार जा सकते हैं। क्योंकि बीते एक हफ्ते से जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है, वहीं रसोई गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ सकते हैं। एक रसोई गैस सिलेंडर कीमत एक हजार का आंकडा पार कर सकती है। वैसे 18 दिन से स्थिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज बदलाव से इसकी शुरुआत भी हो गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, यदि कच्चे तेल और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमत बढ़ती है, तो रसोई गैस भी मंहगी होगी। ऐसा कहा जा रहा है कि इसी के साथ साथ केंद्र की मोदी सरकार रसोई गैस सब्सिडी को भी पूरी तरह समाप्त कर सकती है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सब्सिडी सिर्फ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दी जा सकती। वहीं, सरकार के आंतरिक सर्वे में यह बात मानी गई है कि उपभोक्ता 1 हजार रुपये का सिलेंडर खरीद सकते हैं।

Related Articles

Back to top button