Breaking
2027 में 2017 दोहराना है, हर विधानसभा में कमल खिलाना है- केशव प्रसाद मौर्ययूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की रणनीति तैयारभाजपा षडयंत्र करके विधान परिषद चुनाव जीतना चाहती थी- अखिलेशUP MLC Election Results 2026 Live: मेरठ-बरेली में बीजेपी की जीत, प्रधानमंत्री मोदी के क्षेत्र वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा का कब्जाएमएलसी चुनाव- बैलेट से चुनाव होने पर भी कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई- BJPMLC Election Results 2026 LIVE: UP की 4 सीटों पर जीती भाजपा , वाराणसी में सपा की जीत , पटना में JDU ने लहराया झंडायूपी विधान परिषद चुनाव 2026: काशी में ही भाजपा की हार, सपा जीती शिक्षक एमएलसी सीटअमित शाह मानहानि केस में राहुल गाँधी को सुल्तानपुर की MP MLA कोर्ट ने किया बरीकाँग्रेस की राजनीति का स्तर हर रोज़ गिर रहा है- राजनाथ सिंहबीजेपी को बड़ा झटका, सुतानपुर MP MLA कोर्ट ने राहुल गाँधी को किया बरी।
उत्तर प्रदेश

पूर्व मंत्री बशीर चढ़े पुलिस के हत्थे

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सरकार में मंत्री रहे हैं. ताजगंज की निवासी नगमा ने पूर्व मंत्री चौधरी बशीर के खिलाफ 31 जुलाई को मंटोला थाने में तीन तलाक का मुकदमा दर्ज कराया था. चौधरी बशीर के खिलाफ मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा अधिनियम 2019 की धारा 3 धारा 4 और आई पी सी की धारा 504 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था.

गमा के मुताबिक, उनका निकाह 11 नवंबर 2012 को चौधरी बशीर से हुआ था, उनके दो बेटे हैं. आरोप था कि बशीर उनका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न कर रहे हैं. नगमा ने बताया कि इसके खिलाफ वह तीन साल से मायके में रहकर कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं.

 

छठा निकाह कर रहे थे चौधरी बशीर!

 

पीड़ित महिला के मुताबिक, 23 जुलाई को उन्हें चौधरी बशीर के छठा निकाह करने की जानकारी मिली और जब वह ससुराल गईं तो पूर्व मंत्री ने उसके साथ गाली-गलौज की और तीन तलाक देकर घर से भगा दिया. मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही पूर्व मंत्री फरार थे और पुलिस उनकी तलाश कर रही थी. उनकी तरफ से सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी, जिसे अपर जिला जज सुधीर कुमार ने खारिज कर दिया था.

Related Articles

Back to top button