Breaking
भारत में दुनिया से एक दिन पहले रिलीज़ होगी टॉम हॉलैंड की ‘Spider-Man: Brand New Day’अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम समझौता तय, यूरोप में होंगे हस्ताक्षरइंडियन नेवी ने जहाज से निकाल लाई जिंदा मिसाइल, हादसे को टालाबिहार में शराब माफियाओं पर सख्त एक्शन का आदेश, बुलाई हाई लेवल मीटिंगअमेरिका ने भारतीय जहाज ‘MT जलवीर’ पर किया हमला, शिप पर सवार हैं 20 नाविकममता को एक और बड़ा झटका, सांसद प्रकाश चिक बारिक ने राज्य सभा से दिया इस्तीफारजनीकांत-कमल हासन को लॉन्च करने वाले पद्मश्री विजेता डायरेक्टर भरतहिराजा का निधनजम्मू-कश्मीर: उरी सेक्टर में ग्रेनेड फटने से सेना के दो जवान शहीदअब दुश्मनो की खैर नहीं, भारत ने तैनात किए 12 परमाणु बमफिलीपीन्स में आया 7.8 तीव्रता का भूकंप, तटीय इलाकों में उठीं सुनामी
अंतर्राष्ट्रीय

यूक्रेन की मदद के लिए अमेरिका ने तैयार किया ये प्लान

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को यूक्रेन को हथियार देने और उसका समर्थन करने के लिए 33 अरब डॉलर के एक बड़े पैकेज का प्रस्ताव दिया. उन्होंने कहा कि युद्ध अगले अध्याय में पहुंच चुका है और इसके रुकने के कोई संकेत नहीं दिख रहे. व्हाइट हाउस में बोलते हुए बाइडेन ने यूक्रेन की मदद के लिए नए कानूनों का भी जिक्र किया.

उन्होंने कहा, ‘इस लड़ाई की कीमत सस्ती नहीं है. लेकिन अगर हम इसे होने देते हैं तो आक्रामकता का शिकार होना ज्यादा महंगा होगा.’ उन्होंने यूक्रेन को अमेरिकी सहायता के पैमाने को दर्शाते हुए कहा कि मास्को केवल यूक्रेन ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिम से लड़ रहा है. हम रूस पर हमला नहीं कर रहे हैं. हम यूक्रेन को रूसी आक्रमण से बचाने में मदद कर रहे हैं.

मास्को में परमाणु युद्ध की संभावना के बारे में बयानबाजी को हताशा का संकेत बताते हुए बाइडेन ने कहा, ‘किसी को भी परमाणु हथियारों के उपयोग या इस संभावना के बारे में बेकार टिप्पणी नहीं करनी चाहिए कि वे इसका उपयोग करेंगे. यह गैर जिम्मेदाराना है.’

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि प्रस्तावित 33 अरब डॉलर के पैकेज का बड़ा हिस्सा 20 अरब डॉलर सैन्य और अन्य सुरक्षा सहायता में होगा. इसका मतलब है कि यूक्रेन के लोगों को हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई होगी. यह यूक्रेन की सरकार को तत्काल संकट का जवाब देने में मदद करेगा.

गुरुवार को यूक्रेन की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि वह पश्चिम में अपने बचाव को मजबूत करने के लिए कदम उठा रहा था. क्योंकि आशंका बढ़ गई थी कि मास्को पूर्वी मोल्दोवा में स्थित रूसी सैनिकों को यूक्रेन में भेज सकता है. ये चिंताएं इस सप्ताह ट्रांसनिस्ट्रिया में विस्फोटों के बाद उठीं. ट्रांसनिस्ट्रिया रूस समर्थक क्षेत्र है.

Related Articles

Back to top button