Breaking
ब्रिक्स समिट का समापन, दुनिया में बढ़ रहा तनाव, एक क्षेत्र तक संकट सीमित नहीं: PM मोदीModi-Jinping की मुलाकात, LAC से चीन ने घटाई सेनानीम करोली बाबा पर फिल्म हनुमान अंश ने कमाए 250 करोड़CM गुप्ता का ऐलान, बख्शे नहीं जाएंगे भ्रष्टाचारी चलेगा बुलडोजरमस्जिद के मलबे के नीचे 15 फीट गहरा कुआं, कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंपसत्य निकेतन हादसे में हुई 7 मौतों में से 5 छात्र जबकि एक 75 वर्षीय मजदूरदिल्ली सत्य निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत,5 घायलों का इलाज जारीदिल्ली सत्य निकेतन में गिरी बिल्डिंग हादसे में अभी तक 5 लोगों का रेस्क्यू किया गयासत्य निकेतन में 4 मंजिला गिरी इमारत हादसे में घायल 4 की हालत गंभीरदिल्ली 3 लोगों को ट्रामा सेण्टर पहुँचाया गया
दिल्ली/एनसीआरराष्ट्रीय

युवाओं से पहले बुजुर्गों का हो COVID-19 वक्सीनशन, उनके मरने की आशंका ज्‍यादा: AIIMS निदेशक

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क 

नई दिल्‍ली। देश में वैक्‍सीन (Vaccine) संकट और वैक्‍सीन के 2 डोज के बीच के अंतराल को बढ़ाने को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं. इस बीच एम्‍स के निदेशक डॉ.रणदीप गुलेरिया (Dr Randeep Guleria) ने कहा है कि पहले वरिष्‍ठ नागरिकों का ही टीकाकरण करना चाहिए. साथ ही युवाओं को टीकाकरण के 2 से 4 महीने बाद के अपॉइंटमेंट देने चाहिए.

डॉ. गुलेरिया ने कहा, ‘मेरा अब भी मानना ​​है कि बुजुर्गों और सह-रुग्‍णता (Comorbidities) वाले लोगों में कोरोना के कारण मरने की आशंका ज्‍यादा है. लिहाजा हमें जल्द से जल्द इन लोगों का टीकाकरण करने की कोशिश करनी चाहिए. चूंकि हम 1 या 2 दिन में या 1 महीने में सभी लोगों का टीकाकरण नहीं कर पाएंगे. लिहाजा मुझे लगता है कि हमें युवा आयु वर्ग के लोगों को टीकाकरण के लिए 2 से 4 महीने बाद का अपॉइंटमेंट देना चाहिए. साथ ही ऐसी रणनीति विकसित करना चाहिए, जिससे ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को टीका लगाया जा सके.’

वहीं मेदांता के चेयरमैन डॉ.नरेश त्रेहन कहते हैं, ‘लक्षण (Symptoms) विकसित होते ही लोगों को खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए. ज्यादातर लोग जिन्हें खांसी, जुकाम, गले में खराश या बुखार होता है, वे टेस्‍ट में अमूमन कोरोना संक्रमित पाए जाते हैं. लिहाजा उन्हें तुरंत खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए, ताकि दूसरों की सुरक्षा हो सके.’

 

Related Articles

Back to top button