Latest News
अशोक चव्हाण बीजेपी में शामिल, अधूरी रह गई पहली इच्छाकिसान बड़े दिल्ली की और, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस, बॉर्डर सीलमिथुन चक्रवर्ती के सीने में तेज दर्द, कोलकाता के अस्पताल में भर्तीपाकिस्तान में जनरल मुनीर ने बांटी किसको कितनी सीट, PMNL-PPP-MQM-P गठबंधन सरकारपाकिस्तान चुनाव परिणाम में देरी के बीच आया इमरान खान का एआई विजय भाषणचौधरी चरण सिंह को मिला भारत रत्न, गदगद जयंत चौधरी, बाटे मिठाइयांलाल कृष्ण आडवाणी को मिलेगा भारत रत्न, प्रधानमंत्री मोदी का ऐलानपाकिस्तानियों ने भारतीय नौसेना जिंदाबाद के लगाए नारे, जान बचाने के लिए किया भारत को शुक्रियाBudget 2024: महिलाओं के लिए किया बड़ा ऐलान, इंफ्रा को दी भारी रकम, किसानों-मिडिल क्लास-युवाओं को बजट में मिला क्या?राहुल की सुरक्षा में चूक, कार का शीशा टूटा, अधीर बोले- किसी ने पत्थर मारा होगा; सुप्रिया ने कहा- सुरक्षा घेरे की रस्सी से टूटा शीशा
Newsलाइफ स्टाइलविशेषहेल्थ

बदलता मौसम और प्रदूषण सांस के मरीज़ों के लिए बना काल |

लखनऊ। प्रदूषण का स्तर लगातार ‘उच्च’ बना हुआ है, वहीं ठंड भी बढ़ रही है, जिसके चलते सांस लेने संबंधी बीमारियों की शिकायत करने वाले रोगियों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक पहले से ही सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों की हालत इस साल काफी ज्यादा खराब हो गई है।

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में पल्मोनरी और क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ वेद प्रकाश ने कहा कि प्रदूषक, पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे पार्टिकुलेट मैटर, श्वासनली और फेफड़ों में बाधा डालते रहते हैं, जिसके परिणामस्वरूप सूजन होती है।

“विदेशी वस्तुओं और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली के बीच इस लड़ाई में, हमारे वायुमार्ग की रीमॉडेलिंग होती है, जो लंबे समय में क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसऑर्डर, कैंसर, अस्थमा और अन्य श्वसन पथ की समस्याओं को जन्म दे सकती है।”

उन्होंने कहा कि सीओपीडी के मरीजों में निश्चित तौर पर इजाफा हुआ है। वायु प्रदूषण, हवा में सूखापन और मौसमी बदलाव हमारे श्वसन पथ में वायरस और बैक्टीरिया के विकास में योगदान दे रहे हैं।

लोक बंधु राज नारायण अस्पताल के निदेशक डॉ अजय त्रिपाठी ने कहा कि डॉक्टरों ने पाया है कि दिवाली के बाद सांस के रोगियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि एक दिन में औसतन लगभग 70 रोगियों से, संख्या एक दिन में 90 रोगियों तक पहुंच गई है। इनमें से अधिकांश रोगियों में पहले से ही दूसरी बीमारियां भी हैं।

“ठाकुरगंज के टीबी अस्पताल में मरीजों की औसत संख्या 30 से बढ़कर 45 हो गई है। ज्यादातर मरीजों को सुबह और शाम को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायत है। न केवल बुजुर्ग मरीज, बल्कि मध्यम आयु वर्ग के लोग और युवा इस समस्या को लेकर हमारे पास आ रहे हैं।”

महानगर के बीआरडी अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक डॉ मनीष शुक्ला ने कहा, “हर साल हम प्रदूषण और मौसम परिवर्तन के कारण सीओपीडी, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के रोगियों में वृद्धि देखते हैं, खासकर दिवाली के बाद। हर गुजरते साल के साथ यह प्रवृत्ति बढ़ रही है।”

Show More
[sf id=2 layout=8]

Related Articles

Back to top button