Breaking
Rahul Gandhi के धरने पर Ravi Shankar Prasad ने कहा – यह अराजकता की राजनीति हैक्या इस देश में FIR की मांग करना क्या अनार्की है- कांग्रेसराहुल का ये धरना सस्ती लोकप्रियता के लिए है- नड्डाराहुल गाँधी के धरने को लेकर जेपी नड्डा की प्रेस- बोले ये राहुल की हताशा और हठयोग है, ये धरना छात्रों के लिए नहीं है.Delhi Police संसद मार्ग कार्यालय पर Rahul Gandhi का धरना ,बोले,FIR होगी तभी हटेंगे बीजेपी ने कहा राहुल अराजकता फैला रहे हैंसावन सोमवार पर CM योगी ने गोरखनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक कियाMEA Press Briefing : FCRA पर अमेरिकी टिप्पणी को भारत ने किया खारिज, बोला ‘हमारी संसद ही लेगी फैसला’Rahul Gandhi का बड़ा आरोप: Delimitation से BJP छीनना चाहती है Tamil Nadu की ताकतApple ला रहा फोल्डेबल फ़ोन, 7.8-इंच स्क्रीन और A20 Pro चिपसेट वाला Iphone Ultraयुवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
Breaking Newsउत्तर प्रदेशराज्य

राजा भैया की बढ़ सकती हैं मुश्किलें,कुंडा और बाबागंज सीटों पर सपा लगा रही दाँव।

लखनऊ : पिछले 15 सालों से समाजवादी पार्टी कुंडा और बाबागंज सीट पर प्रत्याशी नहीं उतारती थी, लेकिन इस बार इन दोनों सीटों पर वो अपने उम्मीदवार उतारने जा रही है।यूपी चुनाव में पिछले चुनावों तक बाहुबली नेता राजा भैया के साथ दोस्ती निभाने वाले अखिलेश यादव इस बार के चुनाव में उनके खिलाफ भी प्रत्याशी उतारने जा रहे हैं। जनसत्ता दल के प्रमुख राजा भैया कभी सपा सरकार में मंत्री हुआ करते थे। कुंडा सीट से रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया सात बार विधायक रह चुके हैं। जिसमें सपा का समर्थन उनके लिए महत्वपूर्ण रहा है। कई बार राजा भैया को मुसीबत से निकालने का श्रेय सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को जाता है। लेकिन सपा-बसपा गठबंधन ने उन्हें मुलायम परिवार से दूर कर दिया।

दरअसल राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग के दौरान अखिलेश के कहने के बाद भी राजा भैया ने बसपा छोड़ भाजपा को वोट दे दिया था। बस फिर क्या था अखिलेश, कुंडा विधायक से खफा हो गए और समाजवादी पार्टी के दरवाजे राजा भैया के लिए हमेशा के लिए बंद हो गए। एक बार फिर जब 2022 विधानसभा चुनाव नजदीक है तो अटकलें लगाई जा रही थी कि सपा, राजा भैया को सपोर्ट कर सकती है। शायद राजा भैया को भी यही उम्मीद हो, लेकिन सपा ने साफ कर दिया कि वो राजा भैया के खिलाफ उम्मीदवार उतारेगी।
कुंडा और बाबागंज सीट पर राजा भैया का हमेशा से दबदबा रहा है। सपा पिछले तीन चुनावों में इन सीटों पर राजा भैया के साथ थी। कुंडा से जहां राजा भैया खुद लड़ते है, वहीं बाबागंज सीट पर सपा ने विनोद सरोज को समर्थन दिया था। लेकिन राज्यसभा चुनाव में हार के बाद अखिलेश ने इन दोनों ही सीटों पर काफी पहले से नजरें गड़ा दी थीं।
दोनों की सीटों पर सपा काफी पहले से बूथ स्तर पर काम कर रही है। हर बार इन सीटों पर बसपा से राजा भैया को चुनौती मिलती रही थी, लेकिन इस बार सपा के मैदान में उतरने से राजा भैया के लिए इन दोनों ही सीटों पर मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

Related Articles

Back to top button