Breaking
CWC बैठक: लिस्ट से नाम हटाने की साजिश, CEC बने मोदी सरकार की कठपुतली-मल्लिकार्जुन खड़गेराष्ट्रव्यापी बैंकों में आज से होने वाली 3 दिवसीय हड़ताल टली, IBA और बैंक यूनियनों की बैठक में बनी सहमतिCEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के चलते कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़पAsian Games 2026 | Gold For India | कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने रचा इतिहास, 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में भारत को दिलाया गोल्डभारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 8वीं बार जीता एशिया कप, मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से किया इनकारकुत्ते और बिल्लियों में एच5 बर्ड फ्लू के संक्रमण का खतरा, विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाहब्रिक्स समिट का समापन, दुनिया में बढ़ रहा तनाव, एक क्षेत्र तक संकट सीमित नहीं: PM मोदीModi-Jinping की मुलाकात, LAC से चीन ने घटाई सेनानीम करोली बाबा पर फिल्म हनुमान अंश ने कमाए 250 करोड़CM गुप्ता का ऐलान, बख्शे नहीं जाएंगे भ्रष्टाचारी चलेगा बुलडोजर
Breaking NewsMain slideराजनीतिराष्ट्रीय

CWC बैठक: लिस्ट से नाम हटाने की साजिश, CEC बने मोदी सरकार की कठपुतली-मल्लिकार्जुन खड़गे

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

दिल्ली:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार (29 सितंबर) को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) को लेकर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक साज़िश के तहत मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त मोदी सरकार के कठपुतली बन गए हैं। नई दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा कि नामों को हटाने का कथित मामला भारतीय लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है, जिसके तहत हर योग्य नागरिक को वोट देने का अधिकार होना चाहिए और हर वोट की निष्पक्ष रूप से गिनती होनी चाहिए।

खड़गे ने कहा कि एक साजिश के तहत वोटर लिस्ट से लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त मोदी सरकार के कठपुतली बन गए हैं। यह भारतीय लोकतंत्र की उस भावना और दर्शन के खिलाफ है, जिसके तहत यह तय किया गया था कि हर योग्य नागरिक के वोट की सुरक्षा की जाएगी और हर वोट की निष्पक्ष रूप से गिनती होगी। खड़गे ने आगे आरोप लगाया कि अधिकारी मनमाने ढंग से बीजेपी और मोदी सरकार के इशारे पर नाम हटा रहे हैं।

खड़गे ने CEC की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो रक्षा करने वाला था, वही अब शिकारी बन गया है। उन्होंने यह भी पूछा कि दो चुनाव आयुक्तों को कथित तौर पर इंटरनल पोर्टल से बाहर क्यों रखा गया और SIR कराने का फ़ैसला किसने लिया। उन्होंने कहा कि जिस संस्था को संविधान ने लोगों के वोटों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सौंपी थी, वही असल में उन वोटों को लूटने वाली बन गई है। अगर मुख्य चुनाव आयुक्त के अपने साथी ही उन पर भरोसा नहीं करते, तो देश उन पर कैसे भरोसा कर सकता है?

खड़गे ने मौजूदा सरकार पर युवाओं को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ‘फॉर्म 6’ से जुड़े नियमों में बिना पर्याप्त पारदर्शिता के बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिसंबर 1988 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए मतदान की उम्र 21 साल से घटाकर 18 साल कर दी थी। और अब हमारे प्रधानमंत्री मोदी हैं, जो ‘जेन ज़ेड’ (Gen Z) से इतने नाराज़ हैं कि उन्होंने युवाओं को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की साज़िश रची है। ‘फॉर्म 6’ से जुड़े नियमों में चुपचाप बदलाव किए गए हैं। यह पूरी तरह से गैर-कानूनी है।

Related Articles

Back to top button