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नवाब मलिक ने वानखेड़े पर दागा एक और बम, समीर की स्थिति दुविधापूर्ण ।

मुंबई : महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने अब वानखेड़े के खिलाफ नया बम फोड़ दिया है , एसीबी मुंबई जोन के डायरेक्टर समीर वानखेड़े और नवाब मलिक की लड़ाई बढ़ती जा रही है. जो जंग सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप से शुरू हुई थी, अब वो कोर्ट में दस्तावेजों के दम पर लड़ी जा रही है.उन्होंने कुछ नए दस्तावेजों के दम पर दावा कर दिया है कि समीर वानखेड़े एक मुस्लिम हैं और उन्होंने खुद को अनुसूचित जाति का बताकर नौकरी ली थी.

समीर वानखेड़े पर मलिक के नए आरोप

नवाब मलिक ने बॉम्बे हाई कोर्ट में समीर वानखेड़े के स्कूल प्रवेश फॉर्म और प्राथमिक स्कूल सर्टिफिकेस दिखाए हैं. उन सर्टिफिकेट के दम पर कहा जा रहा है कि समीर वानखेड़े मुस्लिम हैं और उन्होंने खुद को बचाने के लिए अब नकली सर्टिफिकेट बनवा दिए हैं. इसके अलावा ट्वीट कर मलिक ने एक और बड़ा आरोप लगा दिया है. उनके मुताबिक वानखेड़े ने हमेशा से ही बदले की भावना से कार्रवाई की है. वे कहते हैं कि एक आईपीएस अधिकारी से वानखेड़े की अनबन चल रही थी. ऐसे में बदला लेने के लिए उसके बच्चे को 27 A के तहत फंसा दिया गया था.

जानकारी के लिए बता दें कि नवाब मलिक की टीम के अलावा वानखेड़े की लीगल टीम ने भी दो दस्तावेज कोर्ट को सौंपे हैं. एक डॉक्यूमेंट तो बर्थ सर्टिफिकेट है जहां पर एनसीबी मुंबई जोन के डायरेक्टर का नाम समीर ज्ञानदेव वानखेड़े बताया जा रहा है.

22 नवंबर को कोर्ट का फैसला

अभी के लिए कोर्ट ने नवाब मलिक और वानखेड़े के तमाम दस्तावेज ले लिए हैं और अब 22 नवंबर को फैसला सुनाया जाएगा. आज की सुनवाई के दौरान जस्टिस माधव ने बताया है कि वे 22 नवंबर को शाम साढ़े पांच बजे अपना फैसला सुनाने जा रहे हैं. उन्होंने ये भी निर्देश दे दिए हैं कि अब दोनों टीमें अपनी तरफ से कोई और दस्तावेज जारी नहीं करेंगी.

वैसे इस पूरे मामले की बात करें तो ये शुरू जरूर मुंबई ड्रग्स केस से हुआ था, लेकिन इसको कोर्ट में ले जाने का काम समीर वानखेड़े के पिता ने किया था. उन्होंने नवाब मलिक पर मानहानि का केस ठोका था. समीर वानखेड़े ने भी कोर्ट से अपील की थी कि नवाब मलिक द्वारा उनके परिवार के खिलाफ कोई भी मानहानि कारक आरोप ना लगाए जाए. अब उसी मामले में नवाब मलिक ने झुकने के बजाय कोर्ट में कई दस्तावेज जमा करवा दिए. वे अभी भी जोर देकर कह रहे हैं कि वानखेड़े ने धोखा दिया है. झूठ का सहारा लेकर नौकरी पाई है.

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