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राष्ट्रीय

जांच में न सहयोग करने का आरोप पर आशीष मिश्र गिरफ्तार, कल कोर्ट में होगी पेशी

लखनऊ। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्र को गिरफ्तार कर लिया गया है. स्पेशल टास्क फोर्स ने करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र का बेटा आशीष मिश्र को गिरफ्तार किया है. आशीष के खिलाफ IPC की धारा 302, 147 और 148 समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है.

एसआईटी चीफ उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि, ‘आशीष मिश्र जांच में सहयोग नहीं कर रहा था. इसलिए उसकी गिरफ्तारी की गई है. इस वक्त क्राइम ब्रांच के ऑफिस में भी उसका मेडिकल कराया जा रहा है. रविवार सुबह उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा.’ हालांकि अभी तक किस कोर्ट में आशीष की पेशी होगी, इसकी सूचना नहीं मिल पाई है. वहीं जिले के एसडीएम और सीओ समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं.

3 अक्टूबर को हुई इस हिंसा में कुल 8 लोग मारे गए है, जिनमें 4 किसान हैं, 2 बीजेपी के कार्यकर्ता हैं, एक आशीष मिश्रा का ड्राइवर है और एक वहां के स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप हैं. अब तक इस मामले में दो FIR दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें एक एफआईआर अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ दर्ज हुई है. उन पर हत्या और गैर इरादन हत्या दोनों ही धारा लगाई गई हैं.

FIR की कॉपी में लिखा है कि 3 अक्टूबर को किसान अजय मिश्र टेनी और उप मुख्य मंत्री केशव प्रसाद मौर्य को काले झंडे दिखाने के लिए शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे. लेकिन इसी दौरान आशीष मिश्रा हथियारों से लैस 15 से 20 लोगों के साथ वहां पहुंचे और किसानों को कुचलते हुए निकल गए. इसमें ये भी दावा है कि आशीष मिश्रा ने फायरिंग की थी, जिससे गुरविंदर सिंह नाम के एक किसान की मौत हो गई. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दावा है कि जो लोग इस हिंसा में मारे गए, उनमें से किसी की भी मौत गोली लगने से नहीं हुई है. जो चार किसान मारे भी गए, उनके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं. इसमें ये भी दावा है कि गुरविंदर सिंह पर किसी धारदार हथियार से हमला किया गया, न कि उनकी हत्या गोली मार कर की गई.

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