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उत्तर प्रदेशराज्य

नवोन्मेषी उद्यानिकी तकनीकियो के माध्यम से कृषक होगें अधिक सशक्त

उद्यान विभाग सीतापुर के सहयोग से एकीकृत बागवानी विकास योजना अंतर्गत पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

सीतापुर। उद्यान विभाग, सीतापुर द्वारा एकीकृत बागवानी विकास योजना अंतर्गत पांच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र कटिया सीतापुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के समापन सत्र में केन्द्र के अध्यक्ष व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ दया शंकर श्रीवास्तव ने एकीकृत बागवानी विकास योजना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस योजना अंतर्गत बीज एवं पौध सामग्री उत्पादन के लिए नर्सरी, टिशू कल्चर इकाई की स्थापना, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन तथा फल फूल व सब्जी उत्पादन, ग्रीन हाउस, पॉली हाउस के माध्यम से कृषकों की आय एवं आजीविका बढ़ाने में काफी मददगार है ।

केन्द्र के कार्यक्रम प्रभारी व मृदा वैज्ञानिक श्री सचिन प्रताप तोमर ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण चयनित कृषकों को मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण, प्राकृतिक खेती तकनीक, सब्जी उत्पादन, मोटे अनाज उत्पादन तकनीकी पर विस्तार से जानकारी केंद्र के वैज्ञानिकों व प्रगतिशील कृषकों द्वारा दी गई। पशुपालन वैज्ञानिक डॉ आनन्द सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना पर जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा चलाई जा रही है जिसका उद्देश्य ड्रिप और स्प्रिंकल सिंचाई को बढ़ावा देना है जिससे कृषि क्षेत्र में जल उपयोग दक्षता को बढ़ाना तथा जल संरक्षण को प्रोत्साहन देना है। प्रसार वैज्ञानिक श्री शैलेंद्र कुमार सिंह ने मशरूम उत्पादन व मधुमक्खी पालन पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इससे किसान भाई खेती के साथ साथ अतिरिक्त आय सर्जन का सकते हैं। गृह वैज्ञानिका डॉ रीमा ने फल व सब्जियों के प्रसंस्करण पर जानकारी देते हुए बताया कि इनका उपयोग आचार, जैम, जैली और पाउडर जैसे उत्पाद तैयार करके अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं।

प्रक्षेत्र प्रबंधक डाॅ योगेन्द्र प्रताप सिंह ने उद्यान की प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना हेतु आवश्यक पहलुओं पर जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम के समापन सत्र में धन्यवाद ज्ञापन देते हुए केन्द्र के फसल विज्ञान वैज्ञानिक डॉ शिशिर कांत सिंह ने बताया कि एकीकृत बागवानी विकास योजना अंतर्गत कराए गए प्रशिक्षण कार्यक्रम में बागवानी विकास, फ़ल-सब्जी उत्पादन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन आदि पर दी गई जानकारी सभी कृषक भाईयों को लाभप्रद होगी तथा इस कार्यक्रम के लिए जिला उद्यान अधिकारी राजश्री, जिला उद्यान निरक्षक राजीव गुप्ता व सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदानदिया । कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विकास खंडों के कुल 20 चयनित कृषकों ने प्रतिभागिता की तथा सभी प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण के लिए प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

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