Breaking
Rahul Gandhi का बड़ा आरोप: Delimitation से BJP छीनना चाहती है Tamil Nadu की ताकतApple ला रहा फोल्डेबल फ़ोन, 7.8-इंच स्क्रीन और A20 Pro चिपसेट वाला Iphone Ultraयुवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफाCJP Protest: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, CRPF की 20 कंपनियां तैनातमानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने की परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कार्यस्थगन नोटिससोनम वांगचुक को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24×7 मुलाकात की इजाजतरोहित शर्मा की 138 रन की धमाकेदार पारी, बने लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय,BRICS का ड्रग्स के खिलाफ ऐलान, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर लगाएगा पाबंदीराजौरी के जंगलों में आतंकवादियों की घेराबंदी, कुपवाड़ा में Hideout ध्वस्तराम मंदिर से जुड़ा एक और घोटाला? टिन्नू ने हर महीने कमाए लाखों! प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही वीआईपी दर्शन करवाने के खेल में हर महीने लाखों रुपये की वसूली
अंतर्राष्ट्रीय

इजरायली रक्षा मंत्री- दक्षिण की ओर भाग रहे आतंकवादी, 16 वर्षों के बाद हमास का गाजा पर कब्जा खत्म

नई दिल्ली। गाजा में इजरायली हमलों से 11,240 लोगों की मौत हो चुकी है. इसमें 4630 बच्चे शामिल हैं. गाजा पर हमले के कई दिनों के बाद इजरायली रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने दावा किया है कि हमास ने गाजा से अपना नियंत्रण खो दिया है.

एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा, “जिस गाजा पर हमास ने 16 साल तक कब्जा कर रखा था, अब उस पट्टी पर नियंत्रण खो दिया है. हमास के आतंकवादी दक्षिण की ओर भाग रहे हैं. हमास के ठिकानों को नागरिक लूट रहे हैं.” बगैर किसी सबूत के गैलेंट ने कहा, गाजा के नागरिकों में सरकार (हमास की सरकार) को लेकर कोई आस्था नहीं रह गई है. 

गाजा के सबसे बड़े अस्पताल अल-शिफा कुछ दिनों से जंग का केंद्र बनी हुई है. इजरायल पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वो इस अस्पताल पर हमले कर रहा है. हालांकि इजरायली सेना ने दावा किया है कि वह अस्पताल के आस-पास हमास के लड़ाकों को निशाना बना रही है. सेना ने दावा किया है कि अस्पताल के नीचे हमास अपना कमांड सेंटर चला रहा है. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन की जानकारी के मुताबिक इजरायली हमले की वजह से अस्पताल की तीन नर्सों की मौत हो गई है. हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक, अल शिफा अस्पताल पर हमले की वजह से समय से पहले जन्मे 6 बच्चों की मौत हो गई. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि बच्चों की मौत के पीछे की वजह ईंधन और बिजली की कमी थी. ये कमी इजरायली हमलों के कारण हुई है. 

हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अस्पताल के भीतर कम से कम 2300 लोग हैं. इनमें 650 मरीज हैं. 200 से 500 के बीच अस्पताल के कर्मचारी हैं, जबकि 1500 लोग विस्थापित लोगों ने अस्पताल में ही शरण ले रखी है.

अस्पताल में करीब 30 नवजात बच्चे भी हैं. नवजात बच्चों ने दुनिया भर का ध्यान खींचा है. अल शिफा अस्पताल के डॉक्टरों ने नवजात बच्चों को मिस्र ले जाने की अपील की है, जिससे उनका इलाज हो सके.

Related Articles

Back to top button