Breaking
राम मंदिर ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफ़ा2027 और 2029 की तैयारी में UP BJP, नीरज सिंह और पूजा पाल बने प्रदेश उपाध्यक्ष, हटे कई पुराने नामAyodhya Ram Mandir चढ़ावा कांड में एक्शन, SIT रिपोर्ट के आधार पर 8 आरोपी गिरफ्तारलखनऊ अग्निकांड में SIT को 7 दिन में CM योगी को देनी है रिपोर्टलखनऊ में जो हुआ वो सामान्य घटना नहीं- अखिलेशRam Mandir Donation Scam: SIT रिपोर्ट आई, कब होगी कार्रवाई? चढ़ावा चोरी पर UP सरकार के सामने क्या खुलासा हुआलखनऊ अग्निकांड में 15 छात्रों की गई जान जबकि 9 घायलभारत में दुनिया से एक दिन पहले रिलीज़ होगी टॉम हॉलैंड की ‘Spider-Man: Brand New Day’अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम समझौता तय, यूरोप में होंगे हस्ताक्षरइंडियन नेवी ने जहाज से निकाल लाई जिंदा मिसाइल, हादसे को टाला
Breaking Newsअंतर्राष्ट्रीयराष्ट्रीय

UK संसद मे गर्माया कश्मीर मुद्दा, सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अमेरिकी दौरे पर हैं UK संसद में बात चीत के दौरान कुछ एैसे मुद्दों पर भी आपत्ति जनक चर्चा शुरू हो गई जिसे ले कर बड़ी बहस छिड़ गई है, जबकि हमारे आंतरिक मामलों में किसी बाहरी को बोलने का कोई अधिकार नहीं है बहस का मुद्दा कश्मीर को बनाया गया। जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत का स्टैंड हमेशा से साफ रहा है. जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न अंग है. लेकिन फिर भी कुछ देशों द्वारा जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर राजनीति की जा रही है. ऐसा ही काम यूके की संसद ने किया है जहां पर ‘कश्मीर में मानवाधिकारों’ विषय पर विस्तार से चर्चा की गई. ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप की तरफ से एक प्रस्ताव भी रखा गया.

एफसीडीओ में एशिया की मंत्री अमांडा मिलिंग ने कश्मीर मुद्दे पर ब्रिटेन सरकार का रुख साफ करते हुए बताया कि इस पर भारत और पाकिस्तान को बात करनी चाहिए. जारी बयान में कहा गया कि कश्मीर की स्थिति को लेकर सरकार गंभीर है. इस मसले को हल करने के लिए भारत और पाकिस्तान को एक दूसरे से बात करनी चाहिए. एक स्थाई समाधान निकालने की जरूरत है. इस मामले में ब्रिटेन किसी भी तरह की मध्यस्थता करने की इच्छा नहीं रखता है.

अब भारत की तरफ इस प्रस्ताव का तो खंडन किया ही गया है, लेकिन नाराजगी इस बात पर भी जाहिर की गई है कि उस बहस के दौरान एक सांसद द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की गई थी. इन सांसद का नाम हैं नाज शाह जो पाकिस्तानी मूल की हैं. संसद में बहस के दौरान उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर तो अपने विचार रखे ही, लेकिन इसके अलावा गुजरात 2002 के दंगों का भी जिक्र कर दिया ।

लंदन में भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी ने उस सांसद को मुंहतोड़ जवाब दिया है और कश्मीर मुद्दे पर भारत का स्टैंड भी फिर मजबूत करने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए एक दूसरे देश की लोकतांत्रिक संस्था का इस्तेमाल किया गया. इस बात पर अफसोस व्यक्त किया जाता है. भारत ये साफ कर दे कि अगर उसके अभिन्न हिस्से से जुड़े किसी भी विषय पर कोई दावा किया जाता है, तो उसे सही तरीके से प्रमाणित करने की जरूरत है. जानकारी के लिए बता दें कि इस विवादित चर्चा में 20 से अधिक सांसदों ने हिस्सा लिया था, किसी ने प्रस्ताव का समर्थन किया तो किसी ने अपना विरोध भी दर्ज करवाया

Related Articles

Back to top button