Breaking
सर्बिआ में अलेक्जेंडर वुसिक ने मानी हार, छात्र आंदोलन बढ़ेगा आगेसांसद-विधायक अदालत के मानहानि मामले पर फैसले से पहले पहुंचे राहुल गाँधीकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान से बवाल, -माफी मांगें, नहीं तो प्रदर्शन- BJPDG ITBP के बयान पर विदेश मंत्रालय ने दी प्रतिक्रिया, कहा- भारत-चीन बॉर्डर इलाकों में स्थिति तब बिगड़ जाती है… राहुल गाँधी चंपत होकर चम्पा हो गए-बीजेपीराहुल गाँधी के सभी प्रयोग विफल रहे-सुधांशु त्रिवेदीराहुल गाँधी इस देश के लिए पहेली बने-बीजेपीभारत-चीन अरुणाचल प्रदेश बॉर्डर पर FACE OFF की स्तिथि , ITBP DG-शत्रुजीत कपूरउत्तरी सीमा को लेकर ITBP DG शत्रुजीत कपूर का बड़ा बयान, कई जगहों पर सेना आमने सामने, शौर्य प्लाटून ने बहुत अच्छा काम कियाअरुणांचल प्रदेश सीमा पर भारत चीन की सेना आमने सामने, face-off की स्थिति कई जगहों पर
उत्तर प्रदेश

शहीद का परिवार कीचड़ से गुजरने को विवश

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क 

जौनपुर। जिले के जिस जांबाज ने देश के लिए अपने प्राणो की आहुति दे दी उसे क्या पता था कि उसकी शाहदत के बाद भी उसके परिवार को समस्याओ से जूझना पड़ सकता है। केराकत तहसील क्षेत्र के भौरा ग्राम के शहीद संजय सिंह के पिता श्यामनरायन सिंह ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि मेरे बेटे के शहादत का अपमान किया जा रहा है । उसे शहीद हुए तकरीबन पांच साल होने वाले हैं पर प्रशासन द्वारा उचित सम्मान नही दिया गया । मैं और मेरा परिवार पांच सालों से लगातार तहसील से लेकर जिले तक का चक्कर काटते रहते है।  बारिश के समय अगर हमे  घर तक पहुँचना होता है तो कीचड़ भरे रास्तो से होकर गुजरना पड़ता है। जबकि शायद मुख्यमंत्री कार्यालय से पास कर दिया गया है कि शहीद के घर तक डेढ़ सौ मीटर का रास्ता बनवाया जाय पर तहसील प्रशासन अब तक किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की। शाहदत के वक्त जो भी घोषणाएं किये गए थे वो आज तक नही पूरे किए गए न ही शहीद की मूर्ति स्थापना की गई और न ही शहीद स्मारक रोड़ बनवाये गए।ऐसी कई घोषणा की गई थी जो आज भी अतीत के पन्नो में ही केवल सिमट कर रह गए हैं। ज्ञात हो कि सीआरपीएफ के जवान संजय सिंह 25 जून 2016 को जम्मू कश्मीर के पम्पोर में पाकिस्तान के द्वार किये गए कायराना आतंकी हमले में शहीद हो गए ।

Related Articles

Back to top button