Breaking
सावन सोमवार पर CM योगी ने गोरखनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक कियाMEA Press Briefing : FCRA पर अमेरिकी टिप्पणी को भारत ने किया खारिज, बोला ‘हमारी संसद ही लेगी फैसला’Rahul Gandhi का बड़ा आरोप: Delimitation से BJP छीनना चाहती है Tamil Nadu की ताकतApple ला रहा फोल्डेबल फ़ोन, 7.8-इंच स्क्रीन और A20 Pro चिपसेट वाला Iphone Ultraयुवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफाCJP Protest: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, CRPF की 20 कंपनियां तैनातमानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने की परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कार्यस्थगन नोटिससोनम वांगचुक को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24×7 मुलाकात की इजाजतरोहित शर्मा की 138 रन की धमाकेदार पारी, बने लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय,BRICS का ड्रग्स के खिलाफ ऐलान, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर लगाएगा पाबंदी
Breaking NewsMain slideराज्य

Meghalaya Illegal Mining: NGT के बैन के बावजूद भी खनन क्यों? ब्लास्ट में Assam के 18 मजदूरों की मौत

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

असम। मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक संदिग्ध अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट में 16 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि गुरुवार को मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के एक गांव में संदिग्ध अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट में असम के कम से कम 18 मजदूर मारे गए और कई अन्य खदान में फंस गए। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि यह घटना थांगस्कू इलाके में हुई।

जानकारी के अनुसार से खबर लिखे जाने तक खदान से 18 शव निकाले जा चुके हैं और कई अन्य घायल हो गए हैं जिन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है और आगे के इलाज के लिए शिलांग रेफर किया जाएगा। कुमार ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल पर बचाव अभियान चलाने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल से सहायता ली और बचाव कार्य जारी है। माना जा रहा है कि यह विस्फोट अवैध रूप से चल रहे कोयला खनन स्थल पर हुई गतिविधि के दौरान हुआ। जब अधिकारी से पूछा गया कि क्या खदान अवैध है, तो उन्होंने कहा, “हां, ऐसा प्रतीत होता है।” कुमार ने आगे कहा कि विस्फोट का कारण अभी तक ज्ञात नहीं है और इसकी जांच की जाएगी।

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने 2014 में मेघालय में पर्यावरण को होने वाले नुकसान और गंभीर सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए रैट-होल कोयला खनन और अन्य अवैज्ञानिक खनन पद्धतियों पर प्रतिबंध लगा दिया था और इस तरह से निकाले गए कोयले के अवैध परिवहन पर भी रोक लगा दी थी। रैट-होल खनन में श्रमिकों के कोयला निकालने के लिए संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं, जो आमतौर पर लगभग 3 से 4 फीट ऊंची होती हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने बाद में इस प्रतिबंध को बरकरार रखते हुए केवल वैज्ञानिक और विनियमित प्रक्रियाओं के माध्यम से उचित पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों के साथ कोयला खनन की अनुमति दी।

Related Articles

Back to top button