Breaking
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के चलते कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़पAsian Games 2026 | Gold For India | कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने रचा इतिहास, 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में भारत को दिलाया गोल्डभारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 8वीं बार जीता एशिया कप, मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से किया इनकारकुत्ते और बिल्लियों में एच5 बर्ड फ्लू के संक्रमण का खतरा, विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाहब्रिक्स समिट का समापन, दुनिया में बढ़ रहा तनाव, एक क्षेत्र तक संकट सीमित नहीं: PM मोदीModi-Jinping की मुलाकात, LAC से चीन ने घटाई सेनानीम करोली बाबा पर फिल्म हनुमान अंश ने कमाए 250 करोड़CM गुप्ता का ऐलान, बख्शे नहीं जाएंगे भ्रष्टाचारी चलेगा बुलडोजरमस्जिद के मलबे के नीचे 15 फीट गहरा कुआं, कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंपसत्य निकेतन हादसे में हुई 7 मौतों में से 5 छात्र जबकि एक 75 वर्षीय मजदूर
उत्तर प्रदेश

जरूरत नोटबंदी की नहीं खोटबंदी की ,अखिलेश यादव ने बीजेपी पर किया तंज ।

लखनऊ,ना काला धन रुका, न भ्रष्टाचार, न आतंकवाद। नोटबंदी से अर्थव्यवस्था व आय बढऩे का भाजपाई दावा अगर सच होता तो आयकर संग्रहण बढ़ता। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि गरीब, भूखे, वंचित वर्ग के लोग इस बार भाजपा को ‘वोटबंदी’ करके करारा जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि नोटबंदी की पांचवीं बरसी पर भाजपा उनका खुलासा करे जो काला धन लेकर विदेश फरार हो गए या वहां जा बसे हैं।
अखिलेश ने प्रदेश कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा ने अपने अब तक के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में सिर्फ अव्यवस्था और अराजकता फैलाने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं किया है। नफरत का तानाबाना फैलाने के साथ समाज को बांटने और विभाजनकारी प्रवृत्तियों को बढ़ाने में ही भाजपा लगी रहती है। झूठ के लिए ही उसका मंथन, निरंतर चलता रहता है।

अखिलेश ने कहा कि उन्नाव में भूमि पर कब्जा हो जाने से परेशान किसान को इस सरकार में न्याय नहीं मिला तो लखनऊ में विधान भवन के सामने आत्मदाह को मजबूर हो गया। बागपत जिले में कर्ज में डूबे किसान द्वारा आत्महत्या की घटना कम हृदयविदारक नहीं है। बड़े जोर-शोर से दावे किए जाते हैं कि भाजपा राज में देश में खुशहाली आई है। महिलाओं-बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है, ङ्क्षकतु हकीकत यह है कि 33 लाख से ज्यादा बच्चे कुपोषित हैं। नवंबर 2020 से 14 अक्टूबर 2021 के बीच गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की संख्या में 91 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

Related Articles

Back to top button