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खोड़ा में 2 अवैध मदरसे सील, तीसरे पर कार्रवाई

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। 17 वर्षीय लड़के की हत्या और मुख्य आरोपी असद के मुठभेड़ में मारे जाने के कुछ दिनों बाद, खोड़ा कॉलोनी में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने दो मदरसों को सील कर दिया। सोमवार को प्रशासन ने 19 वर्षीय असद के घर को अवैध घोषित कर दिया था। असद पर अपने एक दोस्त, नाबालिग लड़के की चाकू मारकर हत्या करने का आरोप था, जिससे उसका झगड़ा हुआ था। खोड़ा, लोनी और जिले के अन्य हिस्सों में चलाए जा रहे तीन दिवसीय सत्यापन अभियान के तहत यह सीलबंदी की गई।

पुलिस ने बताया कि इस अभियान में अपराधियों से जुड़ी संपत्तियां, सरकारी जमीनें और अवैध निर्माण शामिल होंगे। मंगलवार को खोड़ा में किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस, पीएसी और पीएएफ कर्मियों सहित भारी संख्या में बल तैनात रहा। डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट, विशेष रूप से खोड़ा क्षेत्र पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में, अवैध संपत्तियों के संबंध में जांच जारी है। कल दो अनाधिकृत मदरसों को सील किया गया। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए आज इन दोनों मदरसों के खिलाफ तीन आरोपियों के नाम पर एफआईआर दर्ज की गई है। ये मदरसे अल्पसंख्यक मामलों के विभाग से आवश्यक अनुमति के बिना चल रहे थे। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस आयुक्त जे रविंदर गौड़, जिला मजिस्ट्रेट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी खोड़ा में मौजूद थे जब प्रशासन ने लोकप्रिय विहार स्थित रहमानिया अरबिया कासिम-उल-उलूम और सुल्तान अलारफीन मदरसों को सील कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि एक तीसरे मदरसे को भी अवैध घोषित किया गया है। रहमानिया अरबिया कासिम-उल-उलूम में, अधिकारियों ने बताया कि बार-बार कोशिश करने के बावजूद गेट नहीं खोला गया। इंतजार के बाद, टीम ने परिसर को बाहर से सील कर दिया। वहां मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि उस समय 11 बच्चे अंदर थे। पुलिस ने बाद में स्थानीय पार्षद की मदद से उन्हें बाहर निकाला।

मदरसा समिति के मुख्य सचिव इलियास सैफी ने कहा कि संस्था के पास आवश्यक कागजात थे लेकिन उन्हें प्रस्तुत करने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि मदरसा 2000 में पंजीकृत हुआ था और उस समय अवकाश था। केवल 11 छात्र बाहर के इलाकों से वहां रह रहे थे। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चंद्र तिवारी ने कहा कि वक्फ निरीक्षक, खोड़ा नगर पालिका परिषद के कार्यकारी अधिकारी और नायब तहसीलदार द्वारा 1 जून को दी गई एक संयुक्त रिपोर्ट में पाया गया कि मदरसे अमान्य और अवैध तरीके से चलाए जा रहे थे।

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