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बढ़ गए दाल के दाम, एक महीने में दाल-दलहन के भाव में 16 फीसदी तक वृद्धि दर्ज

नई दिल्ली। लगता है अभी महंगाई (Infletion) की मार से लोगों को निजात नहीं मिलने वाली है. पहले से ही महंगाई झेल रही जनता को फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. वहीं, आने वाले दिनों में जनता पर और बोझ पड़ सकता है. ऐसा ही हाल रहा तो आम आदमी (Common Man) की थाली से दालें (Pulses) गायब हो सकती हैं. पिछले एक महीने की बात करें तो दाल-दलहन के भाव में 16 फीसदी तक वृद्धि दर्ज की गई है.

दाल (Pulses), सब्जी (Vegetables), फल (Fruit), समेत खाने-पीने की तमाम चीजों के दाम में बेतहाशा वृद्धि से आम आदमी की मुश्किलें बढ़ गई हैं. देश में डीजल के दाम में इजाफा होने से तमाम खाद्य सामग्री के दामों में काफी बढ़ोतरी देखने के मिल रही है. इसके साथ ही स्कूल, कॉलेज, होटल, रेस्टोरेंट आदि के खुलने से मांगों में इजाफा देखा गया. आलम यह है कि दाल आम लोगों के पहुंच से दूर होती जा रही हैं.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और महाराष्ट्र (Maharashtra) बडे़ उत्पादक राज्यों में से एक है. यहां इस बार अरहर (Tur) का उत्पादन 30 फीसदी तक कम होने की आशंका जताई गई है. काबूली चने (Kabuli Gram) का भाव, जहां पिछले महीने 95 रुपये प्रति किलो था. अब यह बढ़कर 110 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है.

देसी चने की बात करें तो 5,000 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 5,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. अरहर दाल 125 रुपये प्रति किलो पर बिक रही है. महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात में अरहर 6,400 से 6,500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है. जबकि, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) रेट 6,300 रुपया प्रति क्विंटल है.

लोगों को केवल दाल ही नहीं, हर तरफ से महंगाई की मार पड़ रही है. फलों की बात करें तो गर्मी में इनकी मांग बढ़ गई है. वहीं, इसकी आवक बहुत कम है. फिलहाल फलों की महंगाई से राहत मिलने के आसार कम हैं.

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