Breaking
युवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफाCJP Protest: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, CRPF की 20 कंपनियां तैनातमानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने की परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कार्यस्थगन नोटिससोनम वांगचुक को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24×7 मुलाकात की इजाजतरोहित शर्मा की 138 रन की धमाकेदार पारी, बने लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय,BRICS का ड्रग्स के खिलाफ ऐलान, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर लगाएगा पाबंदीराजौरी के जंगलों में आतंकवादियों की घेराबंदी, कुपवाड़ा में Hideout ध्वस्तराम मंदिर से जुड़ा एक और घोटाला? टिन्नू ने हर महीने कमाए लाखों! प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही वीआईपी दर्शन करवाने के खेल में हर महीने लाखों रुपये की वसूलीमंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनो को लेकर भी जांचराम मंदिर चढ़ावा चोरी-डकैती के ऊपर भी कोई शब्द हो वो इस्तेमाल होना चाहिए- अखिलेश
Breaking NewsMain slideराजनीतिराज्य

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के नेतृत्व में निकली अद्भुत तिरंगा यात्रा

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

कानपूर। शुक्रवार का दिन तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रभक्ति के ज्वार में डूबा नजर आया, जब उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अपने विधानसभा क्षेत्र में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया। यह केवल एक यात्रा नहीं थी, बल्कि यह भारत माता के चरणों में अर्पित श्रद्धा की सजीव अभिव्यक्ति थी।

तकरीबन 500 मीटर लंबे विशाल तिरंगे को थामे अनुशासित कदमों से आगे बढ़ते दो सौ एनसीसी कैडेट्स ने जैसे ही यात्रा का नेतृत्व किया, सड़कों का हर कोना देशभक्ति के भाव से पुलकित हो उठा। अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की यह जीवंत तस्वीर देखकर राह के दोनों ओर लोग स्वतः उमड़ पड़े। हर मोड़, हर चौराहा, हर मकान की छत से देशवासी अपने राष्ट्रध्वज की इस ऐतिहासिक यात्रा को नमन करते दिखे।

इस भावनात्मक यात्रा में व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि, वीरता की मिसाल पूर्व सैनिक, आध्यात्मिक आलोक से दीप्त साधु-संत, धर्माचार्य, अधिवक्ता संघ के सदस्य, समाज के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और सिविल डिफेंस के जांबाज कार्यकर्ता भी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से आसमान गुंजायमान कर दिया।

यह तिरंगा यात्रा महज़ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनमानस की भावना, एकता और संकल्प का प्रमाण थी — जो यह संदेश दे रही थी कि जब तिरंगे की शान की बात हो, तब पूरा समाज एकजुट होकर उसके चरणों में नतमस्तक हो जाता है।

Related Articles

Back to top button