Breaking
2025 की वो सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर, फिर भी कमाई से निराश हैं आमिर खान, बोले- ‘अगर 15 हजार स्क्रीन पर रिलीज होती..’रक्षा को लेकर भारत-कनाडा में बढ़ेगा सहयोग, क्या रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में रहेगा अहम?मणिपुर में फिर हिंसा भड़कने से लगा कर्फ्यू, उखरुल में जले थे दर्जनों घरEarly News Hindi Daily E-Paper 9 February 2026सभी दल सदन को सुचारु संचालन हेतु सहयोग करें-सतीश महानाजापान के संसदीय पीएम टाकायची की होगी प्रचंड जीत? विपक्ष बिखरा हुआबांग्लादेशी हिन्दुओं को मोहन भगवत ने दी सलाह, कहा- भागे नहीं, संघर्ष करेंEarly News Hindi Daily E-Paper 8 February 2026इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर हमले की भारत ने की कड़ी निंदा, मृतकों और घायलों के प्रति जताई संवेदना29 साल पुरानी फाइल खुलते ही देर रात अरेस्ट हुए MP पप्पू यादव, अस्पताल में भर्ती
Breaking Newsअंतर्राष्ट्रीय

अफगानिस्तान में पाकिस्तान के दोगलेपन का पर्दाफाश कार्रवाई की मांग उठी

काबुल : अफगानिस्तान में जिस तरह से पाकिस्तान अपनी भूमिका निभा रहा था और उनके आंतरिक मामलों में जिस तरह से पाकिस्तान का हस्तक्षेप था, उससे दोहरे चरित्र का पर्दाफाश होने में देर नहीं लगी, एक ओर तो वह दुनिया को दर्शाता है कि वह अफगानिस्तान सरकार की मदद कर रहा है वहीं दूसरी ओर वह तालिबानियों के साथ भी मिला हुआ है।

अमेरिकी प्रशासन के सामने भी स्थिति स्‍पष्‍ट है, जिसे देखते हुए यहां पाकिस्‍तान के खिलाफ एक्‍शन की मांग उठने लगी है। राष्‍ट्रपति जो बाइडेन की अगुवाई वाले प्रशासन ने पाकिस्‍तान के साथ संबंधों की नए सिरे से समीक्षा की बात कही है तो अमेरिकी कांग्रेस में भी ऐसी मांग उठने लगी है।

अमेरिकी कांग्रेस में चर्चा के दौरान सांसदों ने अफगानिस्‍तान में पाकिस्‍तान की ‘दोहरी नीति’ को लेकर सवाल उठाए और बाइडेन प्रशासन से पाकिस्‍तान के साथ अपने संबंधों की समीक्षा करने को कहा। सांसद बिल कीटिंग ने आरोप लगाया कि पाकिस्‍तान बीते कई दशकों से अफगानिस्तान में नकारात्‍मक भूमिका निभाता आ रहा है। पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी ISI के हक्‍कानी नेटवर्क से मजबूत संबंध रहे हैं, जो अब तालिबान की अगुवाई वाली अफगानिस्‍तान की नई सरकार में अहम भूमिका निभा रहा है।

सांसदों ने इस दौरान अफगानिस्‍तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बीच अफगानिस्‍तान में अफरातफरी को लेकर बाइडेन प्रशासन पर भी निशाना साधा। सीनेट की विदेश मामलों की समिति के अध्‍यक्ष बॉब मेनेनडेज ने कहा कि पाकिस्‍तान के ‘डबल डील’ को समझने की जरूरत है, जो तालिबान को सुरक्षित पनाहगाह भी मुहैया कराता रहा। बाइडेन प्रशासन पर निशाना साधते हुए उन्‍होंने कहा कि सरकार ने कई गलतियां की।

डेमोक्रेट सीनेटर क्रिस वैन हॉलेन ने इस दौरान कहा कि अमेरिका को पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी ISI पर नजर रखने की जरूरत है। रिपब्लिकन सांसद मार्क ग्रीन ने कहा कि ISI जिस तरह तालिबान और हक्कानी नेटवर्क को खुलेआम समर्थन दे रहा है, उसे देखते हुए अमेरिका को भारत के साथ मजबूत संबंधों पर भी विचार करने की जरूरत है।

वहीं, कांग्रेस सदस्य स्कॉट पैरी ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिकी करदाताओं के पैसे से हक्कानी नेटवर्क और तालिबान को समर्थन व सहायता प्रदान कर रहा है। अमेरिका को उसे अब और पैसा नहीं देना चाहिए। साथ ही गैर नाटो सहयोगी का दर्जा भी उससे छीना जाना चाहिए।

Related Articles

Back to top button