Breaking
पीएम ने किआ अपना काफिला आधा, जाने कितनी गाड़ियां और कमांडो चलेंगे?भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने प्रतीक यादव के निधन पर उनके आवास पर पहुंचकर शोक व्यक्त कियाभारत की एनर्जी सप्लाई पर आंच नहीं आने देंगे- रूसी विदेश मंत्रीअखिलेश सौतेले भाई प्रतीक यादव का निधन, क्या नुकसान बनी मौत की वजह?पीएम मोदी की अपील के बाद राजनाथ सिंह ने छोटा किया अपना काफिलातमिलनाडु: विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय का आज फ्लोर टेस्ट, AIADMK में बड़ी बगावत!PM मोदी के सोना न खरीदने अपील के बाद,केंद्र सरकार ने सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी बधाई, होगा महंगाप्रतीक यादव का काफी समय से डिप्रेशन का चल रहा था इलाजप्रतीक यादव मृत अवस्था में सिविल लाये गए थे- CMSप्रतीक की अचानक मौत पर समाजवादी पार्टी ने उच्चस्तरीय जाँच की मांग की
Breaking Newsराजनीतिराष्ट्रीय

बीजेपी के 12 विधायकों के लाभ के पद के मुद्दे पर अयोग्यता की गिरी गाज ।

इम्फाल: मणिपुर में लाभ के पद के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है।यहां, पार्टी के 12 विधायकों पर अयोग्य होने का खतरा मंडरा रहा है। गुरुवार को इस मामले में शीर्ष अदालत में हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि मणिपुर के गवर्नर जल्द ही लाभ के पद के मुद्दे पर भाजपा के 12 विधायकों की अयोग्यता के संबंध में निर्वाचन आयोग की तरफ से दिए गए राय पर फैसला लेंगे।

दरअसल, सर्वोच्च न्यायालय में जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने गवर्नर के फैसले को लेकर सवाल किया था। जिसके बाद सॉलिसिटर जनरल की तरफ से अदालत को यह जानकारी दी गई। लाभ के पद के मुद्दे पर चुनाव आयोग ने जनवरी में एक गवर्नर को अपनी राय भेज दी थी। मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा के अनुच्छेद 192 के मुताबिक, गवर्नर को निर्णय लेना होता है। बीते 11 महीनों में कुछ भी नहीं हुआ है। हम एक और आदेश पारित नहीं करना चाहते हैं। अदालत को जवाब देते हुए मेहता ने कहा कि मैं आश्वासन देता हूं कि हम इस पर कुछ करेंगे, इस बारे में किसी किस्म का कोई दिशा-निर्देश पारित करने की जरूरत नहीं होगी।

बता दें कि इससे पहले की सुनवाई में शीर्ष अदालत ने कहा था कि मणिपुर के राज्य लाभ के मुद्दे पर भाजपा के 12 विधायकों की अयोग्यता के संबंध में निर्वाचन आयोग की तरफ से दी गई राय को लेकर बैठे नहीं रह सकते हैं। अदालत की यह टिप्पणी उस समय आई जब पीठ को बताया गया है कि गवर्नर को अभी 13 जनवरी, 2021 को प्रस्तुत चुनाव आयोग की राय पर फैसला लेना है।

Related Articles

Back to top button