Breaking
Rahul Gandhi का बड़ा आरोप: Delimitation से BJP छीनना चाहती है Tamil Nadu की ताकतApple ला रहा फोल्डेबल फ़ोन, 7.8-इंच स्क्रीन और A20 Pro चिपसेट वाला Iphone Ultraयुवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफाCJP Protest: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, CRPF की 20 कंपनियां तैनातमानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने की परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कार्यस्थगन नोटिससोनम वांगचुक को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24×7 मुलाकात की इजाजतरोहित शर्मा की 138 रन की धमाकेदार पारी, बने लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय,BRICS का ड्रग्स के खिलाफ ऐलान, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर लगाएगा पाबंदीराजौरी के जंगलों में आतंकवादियों की घेराबंदी, कुपवाड़ा में Hideout ध्वस्तराम मंदिर से जुड़ा एक और घोटाला? टिन्नू ने हर महीने कमाए लाखों! प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही वीआईपी दर्शन करवाने के खेल में हर महीने लाखों रुपये की वसूली
Breaking Newsराजनीतिराज्यलेख

राकेश टिकैत ने कहा है कि एमएसपी एक बड़ा मुद्दा, अभी बाकी,अभी घर वापसी नहीं ।

नई दिल्ली।जिस तरह से अचानक केंद्र सरकार की तरफ से कृषि कानून वापस लेने का निर्णय सुनाया गया, वो फैसला अचंभित करने वाला है सभी ने इस फैसले का स्वागत किया है, परंतु किसान मोर्चे की बैठक से पहले किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि एमएसपी एक बड़ा मुद्दा, अभी बाकी है, बातचीत करेंगे. एमएसपी पर भी क़ानून बन जाए, क्योंकि किसान जो फसल बेचता है उसे वह कम कीमत पर बेचता है, जिससे बड़ा नुकसान होता है.

उन्होंने कहा कि अभी बातचीत करेंगे, यहां से कैसे जाएंगे इस बात पर भी चर्चा होगी. टिकैत ने कहा कि अभी बहुत से कानून सदन में है, उन्हें ये फिर ये लागू करेंगे. हम उस पर बातचीत करना चाहते हैं.

राकेश टिकैत ने आगे कहा कि आज संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग है. जो भी उसमें निर्णय लिया जाएगा, उसके बाद ही हम कोई बयान देंगे. प्रधानमंत्री के तीनों कृषि कानून को वापस लेने के ऐलान के बाद गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि अभी किसान घर वापस नहीं जाएंगे ,जब तक दूसरे मुद्दों पर सरकार बैठकर बातचीत नहीं करती.
सरकार को डैच् पर गारंटी कानून बनाना चाहिए, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने होंगे, ट्रैक्टर के मुद्दे हैं और भी कई मुद्दे हैं, जिनपर हल निकालना होगा. इसके बाद ही किसान घर वापस जाएंगे. साथ ही राकेश टिकैत ने कहा कि आज संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि आगे की रणनीति क्या होगी.
दरअसल कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों पर आखिरकार अपनी सरकार के कदम वापस खींच लिये और देश से ”क्षमा” मांगते हुए शुक्रवार को इन्हें निरस्त करने एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से जुड़े मुद्दों पर विचार करने के लिए एक समिति बनाने की घोषणा की. प्रधानमंत्री ने गुरु नानक जयंती के अवसर पर राष्ट्र के नाम संबोधन में यह घोषणाएं की और विवादास्पद कानूनों का विरोध कर रहे किसानों व कृषक संगठनों से अपना आंदोलन समाप्त करने की गुजारिश की थी.
पिछले करीब एक साल से कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) कानून, कृषि (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत अश्वासन और कृषि सेवा करार कानून और आवश्यक वस्तु संशोधन कानून, 2020 के खिलाफ विभिन्न राज्यों व राजधानी दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर किसान संगठन आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन कानूनों को निरस्त करने की संवैधानिक प्रक्रिया संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पूरी कर ली जाएगी.

Related Articles

Back to top button