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244 जिलों में होगी मॉक ड्रिल, केंद्रीय गृह सचिव सिविल डिफेंस पर करेंगे बैठक

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। पहलगाम में हुए आतंकी हले के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच हालात काफी तनाव भरे हो गये हैं। पाकिस्तान तो अपनी तोपे भी तैयार करके बैठा है और रोजाना हमला करने की धमकी देता रहा है। अब भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत के गृह सचिव गोविंद मोहन ने सिविल डिफेंस को लेकर मंगलवार को सुबह 10:45 बजे बैठक बुलाई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों से नागरिक सुरक्षा तैयारियों का मूल्यांकन करने के लिए कल मॉक ड्रिल आयोजित करने को कहा है। इसने देश के 244 वर्गीकृत नागरिक सुरक्षा जिलों में नागरिक सुरक्षा अभ्यास और रिहर्सल आयोजित करने का निर्णय लिया है। अभ्यास का आयोजन गांव स्तर तक करने की योजना बनाई गई है।

एमएचए के मुताबिक, मॉक ड्रिल के दौरान किए जाने वाले उपायों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन, “शत्रुतापूर्ण हमले” की स्थिति में खुद को बचाने के लिए सिविल डिफेंस पहलुओं पर नागरिकों को प्रशिक्षण देना और बंकरों और खाइयों की सफाई करना शामिल है।

अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और होमगार्ड महानिदेशालय के पत्र में कहा गया है, “वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में, नए और जटिल खतरे/चुनौतियाँ उभरी हैं; इसलिए, यह समझदारी होगी कि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में हर समय इष्टतम नागरिक सुरक्षा तैयारियाँ बनाए रखी जाएँ।”

मॉक ड्रिल में भारतीय वायु सेना (IAF) के साथ हॉटलाइन और रेडियो-संचार लिंक का संचालन, नियंत्रण कक्षों और छाया नियंत्रण कक्षों की कार्यक्षमता का परीक्षण भी शामिल होगा। पत्र में आगे कहा गया है, “अभ्यास के संचालन की योजना गाँव स्तर तक बनाई गई है।

 नागरिक सुरक्षा तंत्र की तत्परता का आकलन होगा मॉक ड्रिल मकदस

इस अभ्यास का उद्देश्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नागरिक सुरक्षा तंत्र की तत्परता का आकलन करना और उसे बढ़ाना है।” अधिकारियों से लेकर छात्रों तक: ड्रिल में मुख्य प्रतिभागी इसमें कहा गया है कि अभ्यास में जिला नियंत्रकों, विभिन्न जिला अधिकारियों, नागरिक सुरक्षा वार्डन, स्वयंसेवकों, होमगार्ड (सक्रिय और आरक्षित स्वयंसेवक), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) और कॉलेज और स्कूली छात्रों की भागीदारी की परिकल्पना की गई है।

यह घोषणा सोमवार को गृह सचिव गोविंद मोहन द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद की गई।

 

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