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नीतीश कुमार की कैबिनेट में मद्य निषेध और उत्पाद नियमावली मे बड़े बदलाव के साथ स्वीकृति

बिहार : शराबबंदी कानून में नीतीश सरकार ने बड़े बदलवा किए हैं. शराब पीने वालों को बहुत सावधानियां बरतने की जरूरत है, क्रय और विक्रय के नियमों में भी किये गये हैं । बदलाव नीतीश कुमार की कैबिनेट में मद्य निषेध और उत्पाद नियमावली 2021 को अपनी स्वीकृति मिल गई है.इस नियमावली में शराब के भंडारण से लेकर आवाजाही तक को लेकर नए नियम बनाए गए हैं.अब तक शराब मिलने पर पूरे घर को सील कर देने का कानून था लेकिन अब अगर किसी परिसर में शराब का निर्माण, भंडारण, बोतल बिक्री या आयात निर्यात किया जाता है तो वैसे में पूरे परिसर को सील बंद कर दिया जाएगा.

लेकिन आवासीय परिसर में शराब मिलने पर केवल चिन्हित भाग को ही सील बंद किए जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.संपूर्ण परिसर को अब सील बंद नहीं किया जा सकेगा, अब छावनी क्षेत्र और मिलिट्री स्टेशन की शराब भंडारित करने की अनुमति दी जाएगी लेकिन कंटेनमेंट क्षेत्र से बाहर किसी भी कार्यरत या सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी को शराब सेवन की अनुमति नहीं होगी. प्रावधान के तहत अनाज इथेनॉल उत्पादित करने वाली अनाज आधारित डिस्टलरी की गतिविधि 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संपन्न होगी, इसके अलावा यदि सरकार ने यह फैसला लिया है कि मादक द्रव्य से जो वाहन लदे होंगे उन्हें राज्य सीमा में घोषित चेकपोस्ट से ही आने जाने की अनुमति दी जाएगी.ऐसे वाहनों के लिए 24 घंटे के अंदर राज्य की सीमा से बाहर निकलने की अनिवार्यता होगी..

शराबबंदी कानून के तहत 90 दिनों के अंदर कलेक्टर को अधिग्रहण का आदेश जारी करना होगा. इस कानून के उल्लंघन में पकड़े जाने पर पहली बार अपराध के लिए जमानत देने के लिए धारा 436 के प्रावधान प्रभावी होंगे. कलेक्टर के आदेश के विरुद्ध अपील दायर की छूट मिल सकेगी जिस पर उत्पाद आयुक्त को 30 दिनों के अंदर आदेश पारित करना होगा. पुनरीक्षण के लिए विभाग के सचिव को भी 30 दिनों के अंदर आदेश पारित कर देना होगा.

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