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बिना चर्चा के कृषि कानून निरस्त, सरकार के मन में कुछ और,अधीर रंजन चौधरी|

नई दिल्ली : शीतकालीन तापमान शुरू होते ही बढ़ा पारा ,कृषि कानून के वापसी पर लगी मोहर |,
हंगामों के बीच काले कानून को आज से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में वापसी की घोषणा की गई थी सत्र के पहले ही दिन लोकसभा में कृषि कानूनों की वापसी के लिए बिल पास कर दिया गया. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर लोकसभा में तीन मौजूदा कानूनों की वापसी का प्रस्ताव पेश किया, जिसे पास कर दिया गया. सदन शुरू होते ही विपक्ष ने लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा भी किया.
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यसभा में कृषि कानूनों की वापसी का बिल पेश किया जिसे सदन ने पास कर दिया. इस दौरान राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वो इस बिल का स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को इस बिल की वापसी का ध्यान 1 साल और तीन महीने बाद आया.कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सदन को चलने नहीं देने के लिए सरकार हम पर आरोप लगाती है, लेकिन कृषि कानून निरसन विधेयक 2021 पेश किया गया और बिना चर्चा के पारित कर दिया गया. विपक्ष ने इस पर चर्चा की मांग की थी. भले ही सरकार ने कृषि कानूनों को निरस्त कर दिया हो, लेकिन इसकी ‘मन की बात’ कुछ और है.
कृषि कानूनों की वापसी के लिए लाए गए बिल को लोकसभा में पेश किया गया तो विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. बिल पास होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
विपक्ष के हंगामे के बीच कृषि कानूनोंं को रद्द करने के लिए लाया गया बिल केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में पेश किया, जिसके बाद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया.

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