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‘मैं भी चाहता था मायावती PM बनें- अखिलेश यादव

नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती (Mayawati) के प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जाहिर करने के बाद समाजवादी पार्टी (SP) के चीफ अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि वह भी यही चाहते थे और पिछली बार 2019 के आम चुनाव में इसीलिए उनकी पार्टी के साथ गठबंधन किया था. अखिलेश यादव ने कहा कि अगर उनका गठबंधन जारी रहता, तो बीएसपी और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के अनुयायियों ने देखा होता कि कौन प्रधानमंत्री बनता.

मायावती की प्रधानमंत्री बनने की इच्छा के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने कहा कि मैं इससे खुश हूं. मैं भी यही चाहता था. पिछली बार 2019 के लोक सभा चुनाव में गठबंधन इसी के लिए किया था. उन्होंने कहा कि अगर ‘बहुजन समाज’ के लोगों के साथ गठबंधन जारी रहता है, तो बीएसपी और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों का पालन करने वाले देखते कि देश का प्रधानमंत्री कौन बनता.

दरअसल इससे पहले मायावती ने कहा था, ‘मैं आने वाले दिनों में सिर्फ यूपी का मुख्यमंत्री और देश का प्रधानमंत्री बनने का सपना देख सकती हूं लेकिन राष्ट्रपति बनने का सपना कभी नहीं देख सकती.’

यूपी में चलाए जा रहे बुलडोज़र के बारे में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि ‘जाति और धर्म’ को देखते हुए कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया, ‘अगर वे बीजेपी के लोगों के घर और मकान को गिराते हैं, तो वे मुआवजा देंगे. गोरखपुर में 700 मीटर में दुकानों को तोड़ा गया और उसके बाद मुआवजा दिया गया. सुनने में आ रहा है कि 100-150 करोड़ रुपये नहीं बल्कि 200 करोड़ मुआवजा उठाया गया.’

उन्होंने कहा कि अगर सरकार मुख्यमंत्री को मुआवजा दे सकती है तो गरीबों को मुआवजा क्यों नहीं मिल सकता? गौरतलब है कि गोरखपुर में सड़क चौड़ीकरण के लिए दुकानों और ढांचों को तोड़ा गया था.

धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए जाने के बारे में अखिलेश यादव ने कहा, ‘सरकार को नौकरी देने वालों की लिस्ट भी जारी करनी चाहिए.’

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