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उत्तर प्रदेशराज्य

10 दिसंबर को लखनऊ में होने वाली महापंचायत में किसानो का धावा |

लखनऊ : यूपी में विधानसभा चुनाव नजदीक है और पिछले साल से केंद्र के लागु किये कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों ने अब लखनऊ आने का इरादा किया है ,और चुनाव आते ही किसानों ने आंदोलन तेज कर दिया है। महापंचायत को सफल बनाने के लिए गाजीपुर बार्डर पर किसानों की बैठक हुई। मुरादाबाद में जिले से लेकर ब्लाक तक के सभी पदाधिकारी बुलाए गए थे। यह तय हुआ कि 29 नवंबर के बाद रोजाना मुरादाबाद से 40 ट्रैक्टरों पर सवार होकर 500 किसानों का जत्था गाजीपुर बार्डर के लिए रवाना होगा।

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव नौ सिंह ने बताया कि यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने जिले के पदाधिकारियों के अलावा तहसील और ब्लाक स्तर के सभी पदाधिकारी बुलाए थे। संगठन से जुड़े अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी बैठक में बुलाया गया है। सभी से संगठन को मजबूत बनाने पर विचार विमर्श किया गया। चौधरी राकेश टिकैत ने 10 दिसंबर को लखनऊ में होने वाली महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसान नेता तैयारी में जुट जाएं। लखनऊ में होने वाली महापंचायत में जाने से किसानों को रोकने का भी प्रयास किया जा सकता है। इसलिए होशियारी के साथ अपनी तैयारी रखें। बैठक में कहा गया है कि 29 नवंबर के बाद मुरादाबाद से रोजाना पांच सौ भाकियू के कार्यकर्ताओं को गाजीपुर बार्डर पर ट्रैक्टरों पर सवार होकर पहुंचना है। यह सिलसिला रोजाना चलता रहेगा। भाकियू जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी ने बताया कि बैठक का मकसद आंदोलन को सफल बनाना है। क‍िसान किसी के आगे झुकने वाला नहीं है। अब सरकार से आरपार की लड़ाई करने की तैयारी है। सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस ही लेने होंगे। सरकार ने कानून वापस नहीं लिए तो चुनाव में भारी नुकसान होगा।

 

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