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यमुना प्रदूषण के लिए यूपी हरयाणा जिम्मेदार, सर्फेक्टेंट वाला पानी बना रहा झाग।

नई दिल्ली : छठ पर्व के दौरान जो यमुना की तस्वीरें राजधानी दिल्ली से आ रहीं है वे सबके सामने समस्याओं का आंबार लगाने की तैयारी मे है, इसी कड़ी में प्रदूषित यमुना पर राजनीति तेज हो गई है. सोमवार को दिल्ली सरकार की तरफ से यमुना में केमिकल से बने झागों के लिए यूपी और हरियाणा को जिम्मेदार ठहराया गया था, जिसपर अब यूपी सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने पलटवार किया है.

सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि छठ पूजा आ गई है लेकिन अरविंद केजरीवाल यूपी सरकार को दोष दे रहे हैं. कृपया उत्तर दें कि ओखला बैराज का प्रदूषण से क्या लेना-देना? AAP सरकार द्वारा यमुना नदी में वजीराबाद में गिरने वाले 18 नालों के लिए कोई STP क्यों नहीं लगाई? सच्चाई से भागना और दूसरों को दोष देना सही नहीं?
दिल्ली जल बोर्ड ने यमुना के प्रदूषण के लिए उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है.‌ दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा का कहना है कि यूपी और हरियाणा की सरकारों को इस बात की परवाह नहीं है कि वे यमुना में गंदा पानी छोड़ रहे हैं. वहीं दिल्ली जल बोर्ड अपनी एसटीपी की क्षमता बढ़ाने पर लगातार काम कर रहा है, ताकि अनुपचारित अपशिष्ट पानी यमुना में नहीं छोड़ा जाए.
राघव चड्ढा के मुताबिक ओखला बैराज उत्तर प्रदेश सरकार के सिंचाई विभाग के अधीन आता है. उसके ढुलमुल रवैये के कारण चारों तरफ जलकुंभी के पौधे उग आते हैं. यह समझने की जरूरत है कि जब ये जलकुंभी के पौधे सड़ जाते हैं. तब वे फॉस्फेट जैसे सर्फेक्टेंट छोड़ते हैं.
दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक ‌फास्फेट जैसे सर्फेक्टेंट वाला पानी जब कालिंदी कुंज में ऊंचाई से गिरता है, तो यह झाग पैदा करता है. बड़ी मात्रा में निकलने वाले झाग पानी की सतह पर तैरते हैं. इस झाग को हटाना बेहद मुश्किल होता है.

दिल्ली जल बोर्ड का कहना है कि उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर में संचालित कागज और चीनी उद्योग भी सर्फेक्टेंट युक्त गंदे पानी को ओखला बैराज में हिंडन नहर के माध्यम से कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी में छोड़ते हैं. इससे झाग बनने लगता है और यमुना में जमा हो जाता है.
बीजेपी के आरोपों पर दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली सरकार का कहना है कि उत्तर प्रदेश का गंदा पानी शाहदरा नाले से और हरियाणा का नजफगढ़ नाले के माध्यम से दिल्ली आता है. दोनों राज्यों के गंदे पानी की वजह से ओखला बैराज का पानी अत्यधिक प्रदूषित हो जाता है.

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